रोग और उपचार

Health News: तनाव से मुक्ति के लिए इन आयुर्वेदिक औषधियों को जरूर आजमाएं

Health News: दिन-प्रतिदिन तनाव के मामले बढ़ रहे हैं। लेकिन इसे आसानी से खत्म किया जा सकता है।
2 min read
• •
Updated: 4 Oct 2021, 11:23 PM IST
health news

Health News: दिन-प्रतिदिन तनाव के मामले बढ़ रहे हैं। लेकिन इसे आसानी से खत्म किया जा सकता है। आयुर्वेद में बताई गई कुछ औषधियां खासकर तनाव दूर करने के लिए जानी जाती हैं। जानते हैं कुछ ऐसी औषधियों के बारे में...

भृंगराज
भृंगराज शरीर और मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए भी बेहतरीन औषधि है। भृंगराज रस और शहद का उपयोग कफ दूर करने में किया जाता है। यह फेफड़ों में बलगम के संचय को रोकता है और कफ बनने से राहत प्रदान करता है। चक्कर आने पर 5 एमएल भृंगराज रस को 3 ग्राम शक्कर के साथ दिया जाता है। ध्यान रखें कि कोई भी औषधि को बिना परामर्श के लेने से बचें।

अश्वगंधा
अश्वगंधा अमीनो एसिड और विटामिन का कॉम्बिनेशन है जो तनाव दूर करने के साथ शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। साथ ही ये अनिद्रा की शिकायत भी दूर करता है।

जटामासी
यह शारीरिक और मानसिक थकान को दूर करती है। इससे तैयार औषधि शरीर से विषैले तत्त्वों को बाहर निकालती है और तनाव भी दूर होता है। इसके अलावा अगर सूजन और दर्द से परेशान हैं तो जटामासी चूर्ण का लेप तैयार कर प्रभावित भाग पर लेप करें। ऐसा करने से दर्द और सूजन दोनों से राहत मिलेगी।

ब्रह्मी का सेवन
ब्रह्मी तनाव को कम करने के लिए जाना जाती है। यह तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) का लेवल कम रखने में मदद करती है। इसके अलावा यह औषधि एकाग्रता बढ़ाने के साथ मेमोरी को भी बढ़ाती है। खासकर स्टूडेंटïस के लिए ब्रह्मी काफी फायदेमंद है।

इनका रखें ध्यान
मदिरापान और नशीले पदार्थों का सेवन न करें क्योंकि दोनों ही डिप्रेशन को बढ़ा सकते हैं।
जब आप डिप्रेशन में हो तो कोई भी बड़ा फैसला लेने का प्रयास न करें।
कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें।
रात को दस बजे से पहले सोने का प्रयास करें।
ऑफिस की बातों पर घर में आने के बाद अधिक न सोचें।
तनाव की स्थिति में कुछ ऐसा करें जो आपको खुशी दे, जैसे अपनी कोई हॉबी से जुड़ी एक्टिविटी करें।
रोजाना सुबह १५ मिनट मेडिटेशन या योग के लिए जरूर निकालेंं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on: