डूंगरपुर

सीएम भजनलाल शर्मा ने इन जिलों को दी बड़ी सौगात, विकास कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपरा, विशिष्ट संस्कृति तथा प्रकृति के साथ गहरे संबंध के लिए प्रसिद्ध है।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा: फोटो पत्रिका नेटवर्क

डूंगरपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपरा, विशिष्ट संस्कृति तथा प्रकृति के साथ गहरे संबंध के लिए प्रसिद्ध है। इस समाज ने ऐसे वीर सपूत दिए हैं, जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। देश-प्रदेश का विकास इनकी सक्रिय भागीदारी से ही संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी के तहत राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह दिन आदिवासियों को समर्पित है।

इन्होंने राजस्थान की इस विकास यात्रा में अतुलनीय योगदान दिया है। भजनलाल शर्मा सोमवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बेणेश्वर धाम की ऐतिहासिक भूमि आदिवासी आस्था का सबसे बड़ा केन्द्र है। राज्य सरकार द्वारा बेणेश्वर धाम के सौंदर्यीकरण का कार्य करवाया जाएगा और इस संबंध में डीपीआर भी तैयार की जा रही है।

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जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में जनजाति उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। छात्रावासों में मैस भत्ता ढाई हजार से बढ़ाकर 3 हजार 250 रुपए प्रति माह किया है। साथ ही, खेल अकादमियों में मैस भत्ते में बढ़ोतरी, कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले जनजाति विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि, सीए व सीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले जनजातीय विद्यार्थियों की प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की गई है।

वन अधिकार पट्टों के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान

सीएम ने कहा कि वनों में निवास करने वाले जनजाति लोगों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार के पट्टे दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन वन अधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड में भी प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे इस भूमि पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें और बैंकों से ऋण भी प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि बेणेश्वर धाम में संगम एवं अबूदरा घाटों के निर्माण एवं वर्ष पर्यन्त जल की उपलब्धता बनाये रखने के लिए बेणेश्वर एनिकट की रिमॉडलिंग के कार्य किए जाएंगे। इसी तरह, आदिवासी बाहुल्य जिलों के ऐतिहासिक, धार्मिक स्थलों त्रिपुर सुंदरी, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभ्यारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृ कुण्डिया आदि को सम्मिलित करते हुए 100 करोड़ रुपए से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट भी विकसित किया जाएगा।

इन जिलों को दी सौगात

मुख्यमंत्री ने इस दौरान बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर एवं सिरोही जिले के 1 हजार 902 करोड़ रुपए के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी सम्मान योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों को सांकेतिक चैक और टेबलेट सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया एवं बालिकाओं को स्कूटी भी वितरित की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर में वाल्मीक मन्दिर एवं हरि मन्दिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

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