4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Success Story : डूंगरपुर की फरहाना ने UPSC में रचा इतिहास, मुस्लिम घांची समाज की बेटी बनी IRS अधिकारी

Success Story : डूंगरपुर शहर के फरासवाड़ा क्षेत्र की बेटी फरहाना ने यूपीएससी परीक्षा में ग्रुप-ए सेवा में चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। मुस्लिम घांची समाज की बेटी IRS यानि इनकम टैक्स ऑफिसर बनी। पढ़ें फरहाना के सफलता की कहानी।

2 min read
Google source verification
Success Story Dungarpur Farhana created history in UPSC Muslim Ganchi community Daughter becomes IRS officer

डूंगरपुर. फरहाना। फोटो पत्रिका

Success Story : डूंगरपुर शहर के फरासवाड़ा क्षेत्र की बेटी फरहाना ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में ग्रुप-ए सेवा में चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। वह अब भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर देश सेवा करने का लक्ष्य रखती हैं। वागड़ क्षेत्र में मुस्लिम घांची समाज की यह पहली बेटी है, जिसने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर नई मिसाल पेश की है।

फरहाना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 12वीं तक डूंगरपुर शहर के स्कूलों से प्राप्त की। उन्होंने कॉमर्स विषय के साथ केंद्रीय विद्यालय से अध्ययन किया और इसके बाद एसबीपी कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक किया। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने मुंबई के जीके शाह इंस्टीट्यूशन से सीएस की तैयारी भी की। वर्ष 2024 में फरहाना ने यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली का रुख किया। लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने 2025 में प्रारंभिक परीक्षा पास की। हालांकि, मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं। इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और 2026 में दोबारा प्रयास करते हुए प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू तीनों चरण सफलतापूर्वक पार की।

सोमवार को जारी हुई अंतिम सूची

पहले उन्हें रिजर्व लिस्ट में रखा था। पर, सोमवार को जारी अंतिम सूची में उनका चयन ग्रुप-ए सेवाओं के लिए हो गया। अब फरहाना का चयन भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस), भारतीय डाक सेवा, भारतीय रेलवे यातायात सेवा, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, भारतीय सूचना सेवा सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में किया जाएगा।

बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देना जरूरी

फरहाना का कहना है कि उनका जन्म मुस्लिम घांची समाज में हुआ, जहां अब भी बालिका शिक्षा को लेकर झिझक देखी जाती है। लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए स्वतंत्र माहौल दिया। यही कारण रहा कि वे अपनी पसंद से विषय चुन सकीं और दिल्ली जाकर तैयारी कर सकीं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बेटियों की इच्छाओं पर भरोसा करें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।

बेटी की मेहनत पर था पूरा भरोसा

फरहाना के पिता मोहम्मद रफीक शेख मोची बाजार में किराणा व्यापारी हैं। मां अस्मा ने बताया कि उन्होंने हमेशा बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए। फरहाना के कॉमर्स विषय चुनने और दिल्ली जाकर तैयारी करने के निर्णय में उन्होंने पूरा सहयोग किया।

उन्होंने बताया कि उस समय परिवार की जिम्मेदारियां भी थीं, लेकिन बेटी की लगन और मेहनत पर पूरा विश्वास था। उसी का परिणाम है कि आज फरहाना ने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर परिवार और समाज का नाम रोशन किया है।

बड़ी खबरें

View All

डूंगरपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग