डूंगरपुर

डूंगरपुर निकाय चुनाव: कांग्रेस में मची खलबली! मतदान से पहले बीजेपी के 2 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित

डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका लगा है। वार्ड-23 से प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद, वार्ड-28 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतीक बलात ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे बीजेपी के चेतन खराड़ी एकमात्र उम्मीदवार बचे और उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया।
2 min read
Sep 02, 2026
dungarpur civic polls 2026
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 (पत्रिका फाइल फोटो)

Dungarpur Civic Polls 2026: राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच डूंगरपुर नगर परिषद चुनावों में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को लगातार दो झटके लगे हैं। मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कुल 40 वार्डों में से 2 वार्डों में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत तय हो गई है।

कांग्रेस प्रत्याशी ने वापस लिया नामांकन

बुधवार को डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर-28 से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतीक बलात ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इस वार्ड में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच था। प्रतीक बलात के हटने के बाद मैदान में केवल बीजेपी उम्मीदवार चेतन खराड़ी ही अकेले प्रत्याशी रह गए हैं, जिसके चलते उनका निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।

निरस्त हुआ था कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा

इससे एक दिन पूर्व, मंगलवार को वार्ड नंबर-23 में नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया था। इसके बाद बीजेपी के प्रत्याशी मनन कलासुआ, जो निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के पुत्र हैं, मैदान में अकेले वैध उम्मीदवार बचे। इस वार्ड से भी बीजेपी ने बिना मतदान के ही पहली बढ़त हासिल कर ली।

38 वार्डों पर टिकी निगाहें, बगावत साधने में जुटी पार्टियां

40 सदस्यों वाली डूंगरपुर नगर परिषद में 2 वार्ड हाथ से निकल जाने के बाद अब कांग्रेस शेष 38 वार्डों के लिए नए सिरे से चुनावी गणित और रणनीति तैयार करने में जुट गई है। प्रदेश भर के 309 नगरीय निकायों और 10,245 वार्डों के लिए आगामी 9 और 11 सितंबर 2026 को दो चरणों में मतदान होना है, जिसकी मतगणना 14 सितंबर को की जाएगी।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद टिकट वितरण से उपजे असंतोष, पार्टी बागी और निर्दलीय उम्मीदवार दोनों ही प्रमुख दलों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। अब उम्मीदवारों का पूरा ध्यान सड़क, सीवरेज, पेयजल, सफाई और अतिक्रमण जैसे स्थानीय मुद्दों के सहारे मतदाताओं को साधने पर टिका है।

Updated on:
02 Sept 2026 09:42 pm
Published on:
02 Sept 2026 09:42 pm