
डूंगरपुर के मोतली मोड़ से गुजरात के रतनपुर बॉर्डर तक की राह में घुमावदार मोड़ (ड्रोन सहयोगी: अजित लबाना और किशन डामोर)
-हरमेश टेलर
Rajasthan Road Safety: डूंगरपुर: राजस्थान को गुजरात से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-48 पर डूंगरपुर जिले की सीमा का सफर जानलेवा साबित हो रहा है। मोतली मोड़ से रतनपुर बॉर्डर तक करीब 26-28 किलोमीटर हिस्से में 32 खतरनाक और घुमावदार मोड़ हैं। पिछले 15 साल में इन मोड़ों पर हुए हादसों में सैकड़ों घर उजड़ चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के स्थायी इंतजाम अब तक कागजों में ही सिमटे हुए हैं। पुलिस ने कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त वाहनों को चट्टानों और खाइयों के पास खड़ा कर चेतावनी देने की पहल की, लेकिन हादसों का सिलसिला नहीं थमा।
साल 2023 में तत्कालीन एसपी राशि डोगरा ने हाईवे का विशेष सर्वे कराया था। इसमें 32 खतरनाक मोड़ चिन्हित किए गए। तत्काल सुरक्षा उपाय के तौर पर सबसे खतरनाक आठ मोड़ों पर चट्टानों और खाइयों के पास रेडियम पट्टी लगे कबाड़ वाहन खड़े कराए गए। चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए, लेकिन हादसों नहीं रुके। हाईवे की तकनीकी खामियां दूर करने, ज्योमैट्रिक करेक्शन और खतरनाक मोड़ों में सुधार के प्रस्ताव तैयार हुए, लेकिन स्थायी काम धरातल पर नहीं उतर सका। नतीजतन 32 मोड़ आज भी वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं।
अंधे मोड़, तीव्र ढलान: तीखे-अंधे मोड़ पर अचानक सामने से वाहनों की तेज लाइट से परेशानी होती है। तीव्र ढलान के कारण भारी वाहनों को मुश्किल होती है।
ब्रेक फेल होनाः ढलान पर लगातार ब्रेक इस्तेमाल करने से वाहनों के ब्रेक फेल होने की घटनाएं आम हैं। रतनपुर बॉर्डर के पास अक्सर ऐसे भीषण हादसे होते हैं।
ओवर-लोडिंगः स्थानीय गाडियां क्षमता से अधिक सवारियां (छत पर भी) बिठाकर तेज रफ्तार से चलती हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
थकान और झपकीः ऐसी खतरनाक राहों पर देर रात या तड़के के समय चालकों को नींद की झपकी आना भी भारी वाहनों के पलटने की बड़ी वजह है।
मोतली मोड़ से खतरनाक मोड़ों की शुरुआत होती है। बिछीवाड़ा चौराहा से रतनपुर बॉर्डर (राजस्थान-गुजरात सीमा) की राह में सबसे ज्यादा घुमावदार मोड़ हैं, यहां वाहनों की अनियंत्रित गति और अचानक ब्रेक लगाने से अक्सर गाड़ियां टकरा जाती हैं।
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2010 से मार्च 2026 तक बिछीवाड़ा से रतनपुर के बीच हुए हादसों में 668 से अधिक लोगों की मौत हुई और 767 लोग गंभीर घायल हो गए। इसके बावजूद खतरनाक मोड़ों के सुधार और ब्लैक स्पॉट खत्म करने का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
Updated on:
29 Aug 2026 10:37 am
Published on:
29 Aug 2026 10:37 am
