
डूंगरपुर। पिता ने जिंदगी के 25 साल लोगों की जान और संपत्ति बचाने में अग्निशमन विभाग को दे दिए। इसी राह पर बेटा भी कदम बढ़ा रहा था। महज 19 साल की उम्र में प्रितेश परमार फायर फाइटर बनने की ट्रेनिंग ले रहा था, लेकिन आग बुझाते समय हुए एक भीषण हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसआर हैंडीक्राफ्ट में बुधवार को आग बुझाने के दौरान गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के प्रितेश की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
प्रितेश हादसे में करीब 90 प्रतिशत झुलस गया था। उसे जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पिछले दो दिनों से वेंटिलेटर पर उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद शनिवार सुबह उसकी जिंदगी की जंग खत्म हो गई। प्रितेश डूंगरपुर के चुंडावाड़ा क्षेत्र के लांबाभाटड़ा गांव का रहने वाला था।
प्रितेश के पिता धुलेश्वर परमार डूंगरपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड में लीडिंग फायरमैन हैं और करीब 25 साल से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। जिस काम को पिता ने वर्षों तक अपना कर्तव्य मानकर निभाया, उसी क्षेत्र में प्रितेश भी अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था।
डूंगरपुर फायर ब्रिगेड अधिकारी दीपांकर कटारा के अनुसार प्रितेश जोधपुर में फायर फाइटर्स की ट्रेनिंग के लिए गया था। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह अटैचमेंट कोर्स के लिए फायर ब्रिगेड टीम के साथ जुड़ा था। इसी दौरान बासनी की फैक्ट्री में आग लगने की सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचा और आग बुझाने के दौरान हादसे का शिकार हो गया।
बासनी स्थित फैक्ट्री में आग पर काबू पाने के दौरान एक पत्थर गिरने के बाद केमिकल ड्रम में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की चपेट में आने से कई दमकलकर्मी झुलस गए। प्रितेश की हालत सबसे गंभीर थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन करीब 90 प्रतिशत जलने के कारण उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी रही।
हादसे के बाद अन्य घायल दमकलकर्मियों का भी उपचार जारी है। 6 घायलों को गंभीर स्थिति के चलते जयपुर एसएमएस अस्पताल भेजा गया है, जबकि जोधपुर में भी कई घायल कर्मचारियों का इलाज चल रहा है।
प्रितेश परिवार में दो बड़ी बहनों का इकलौता भाई था। जिस उम्र में परिवार उसके भविष्य को लेकर सपने देख रहा था, उसी उम्र में उसकी मौत की खबर ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। प्रितेश की मौत की सूचना मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रितेश की अंत्येष्टि रविवार सुबह 7 बजे उसके मूल गांव लांबाभाटड़ा में की जाएगी।