
डूंगरपुर। नगर निकाय चुनाव के बाद अब राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में डूंगरपुर जिले में बुधवार को जिला परिषद और पंचायत समितियों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। जिला परिषद की 37 सीटों के साथ जिले की 14 पंचायत समितियों में प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के वार्डों का आरक्षण भी तय किया गया। आरक्षण प्रक्रिया के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी समीकरण बनने शुरू होंगे।
जिला मुख्यालय स्थित कलक्ट्रेट के ईडीपी सभागार में जिला कलक्टर देशलदान चारण और एडीएम प्रकाशचंद्र रैगर के मार्गदर्शन में लॉटरी निकाली गई। इस दौरान जिला परिषद के वार्डों में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया। महिला आरक्षण की लॉटरी स्कूली छात्राओं के माध्यम से पर्चियां निकलवाकर कराई गई।
लॉटरी प्रक्रिया में जिला प्रमुख का पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) ओपन वर्ग के लिए आरक्षित किया गया। यह आरक्षण जयपुर स्तर से निर्धारित हुआ है। पिछली बार जिला प्रमुख का पद एसटी महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। इस बार एसटी ओपन होने से अनुसूचित जनजाति वर्ग के महिला और पुरुष दोनों दावेदारों के लिए जिला प्रमुख पद पर चुनाव लड़ने का अवसर रहेगा।
जिला परिषद की कुल 37 सीटों में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए एक, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 27 और अनारक्षित ओपन वर्ग के लिए 9 सीटें निर्धारित की गई हैं। ओबीसी वर्ग के लिए इस बार कोई सीट आरक्षित नहीं हुई। प्रत्येक वर्ग में महिला आरक्षण भी लॉटरी के जरिए तय किया गया।
एससी महिला के लिए वार्ड संख्या 27 आरक्षित किया गया है। एसटी महिला वर्ग में वार्ड संख्या 1, 4, 5, 7, 8, 9, 12, 13, 16, 19, 22, 24 और 28 रखे गए हैं। वहीं एसटी ओपन वर्ग में वार्ड संख्या 2, 3, 6, 10, 11, 14, 15, 17, 20, 29, 34, 35, 36 और 37 शामिल हैं।
अनारक्षित ओपन वर्ग में वार्ड 25, 26, 30 और 31 रखे गए हैं, जबकि अनारक्षित महिला वर्ग के लिए वार्ड 18, 21, 23, 32 और 33 निर्धारित हुए हैं। इस तरह जिला परिषद की कुल 18 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी।
पंचायतीराज चुनाव आरक्षण प्रक्रिया के अगले चरण में गुरुवार को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के साथ चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।