डूंगरपुर

Rajasthan : छोटे नोट व सिक्कों की भारी किल्लत, व्यापारी व आमजन परेशान, बैंक मैनेजर ने बताई अपनी दिक्कत

Rajasthan : डूंगरपुर जिले के आसपुर शहर सहित उपखंड क्षेत्र के गांवों व कस्बों में छोटे नोट व सिक्कों की कमी के चलते लंबे समय से बाजार का आम व्यापारी एवं उपभोक्ता परेशान है। समझें क्या है माजरा।
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Rajasthan : फोटो पत्रिका

Rajasthan : डूंगरपुर जिले के बड़े व्यापारिक केन्द्रों में शुमार आसपुर शहर सहित उपखंड क्षेत्र के गांवों व कस्बों में छोटे नोट व सिक्कों की कमी के चलते लंबे समय से बाजार का आम व्यापारी एवं उपभोक्ता परेशान है। पूर्व के वर्षों में जहां 5-10 व 20 के छोटे नोट व रेज़गारी से बाजार गुलजार रहते थे वहीं मौजूदा दौर में बैंकों में नए नोट एवं सिक्के आदि की अनुपलब्धता व खुले बाजार बाजार में भी इनकी आवक का रुख कमजोर रहने से व्यापारी व उनसे जुड़े उपभोक्ताओं सहित पूरे सिस्टम को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यह है बड़ी दिक्कत

बाजार में छोटी करेंसी की कमी से कईं बार ग्राहक एवं व्यापारियों में झडप भी हो जाती है तो सरकारी व निजी बसों में यात्रा के दौरान भी यात्री व कंडक्टर के बीच भी छुट्टे पैसे को लेकर तकरार अब आम हो गई है। यहां अधिक परेशानी तो तब होती है जब 20 रुपए किराए को लेकर पैसेंजर द्वारा कंडक्टर को 500 रुपए का बड़ा नोट थमा दिया जाता हैं।

ऐसे में तकरार के साथ ही कईं बार चलती गाड़ी में भीड़ की वजह से कंडक्टर 100-200 का नोट लेकर शेष पैसे बुकिंग पूरी होने पर देने की बात कहकर बस में टिकट काटने के काम पर लग जाता है। इस दौरान अपना स्टेशन आने पर यात्री जल्दबाजी में कंडक्टर से शेष बकाया राशि लेना भूल कर गाड़ी से उतर जाता है और उसे याद आने तक गाड़ी भी निकल चुकी होती है। आए दिन सवारी गाड़ी में इस तरह की स्थितियां बनती हैं।

यह है स्थिति

डूंगरपुर जिले के आसपुर शहर में पिछले 58 वर्षों से स्टेट बैंक अग्रणी बैंक रहा है। यहां 10 व 20 आदि के फ्रेश छोटे नोट व सिक्कों की भारी किल्लत है। इश्युबल नोट भी नहीं मिलते वहीं बाजार में फटे पुराने नोटों की भी भरमार है जो लगभग चलन से बाहर हो रहे हैं तो आम लोग व ग्राहक ऐसे नोट लेने से इंकार कर देते हैं जिससे छुट्टे पैसों की भारी किल्लत बहाल रहती है।

यहां है कुछ राहत

पेटीएम व फोन पे आदि डिजिटल आनलाइन पेमेंट सिस्टम से कुछ हद तक बाजार में राहत जरूर है परंतु जब तक बाजार का पूरा नेटवर्क डिजिटल आनलाइन नहीं होगा तब के लिए बाजार में छोटे नोटों को लेकर रिजर्व बैंक की ओर से एफिलिएटेड बैंकों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दरकार है। जिससे आम जन व व्यापारियों को परेशानी से राहत मिलेगी।

हालांकि वर्तमान में शहर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया,बैंक ऑफ बड़ौदा, डूंगरपुर सेंट्रल कोपरेटिव बैंक, राजस्थान ग्रामीण बैंक,एचडीएफसी बैंक एवं आईसीआईसीआई बैंक की शाखाएं बेहतरीन कस्टमर केयर सिस्टम से काम जरूर कर रही है। परंतु छोटी करंसी की अनुपलब्धता लगभग सभी बैंकों में है। एसबीआई से जुड़े उपभोक्ताओं ने तो समय-समय पर बैंक की कस्टमर केयर बैठक में भी इस मुद्दे को रखा परंतु अभी तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ है।

पूर्व का सिस्टम बहाल करें

बाजार सिस्टम जहां पूरी तरह से बैंकों से कनेक्ट है वहीं व्यापारियों को जरूरत के अनुसार छोटी करेंसी की आपूर्ति का जरिया भी बैंक ही है। बाजार में पर्याप्त उपलब्धता भी इसी पर निर्भर है। लिहाजा बैंकों को अपनी पूर्ववर्ती व्यवस्था बहाल कर बाजार को राहत की दरकार है।
सुशील जैन- अध्यक्ष व्यापार संघ आसपुर

छोटी करेंसी की दिख भी रही है कमी

5-10-20 आदि के सिक्कों के बैग व नई करेंसी आरबीआई से केवल बड़ी चेस्ट बैंक को ही डिमांड के अनुसार मिलती रहती हैं। उससे नीचे की ग्रेड की बैंकों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। लिहाजा छोटी करंसी की बाजार में कमी स्वाभाविक तौर पर दिख भी रही है। हमारी ब्रांच में रिसिप्ट पेमेंट्स के अनुसार प्राप्त छोटी करेंसी उपभोक्ताओं की मांग पर जारी करते हैं।
रमेशचंद्र डामोर, शाखा प्रबंधक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आसपुर

Updated on:
13 Jul 2026 11:15 am
Published on:
13 Jul 2026 11:15 am