
Rajasthan Ration Dealers Strike : राशन डीलरों की हड़ताल ने कई गरीबों के चूल्हों में पानी फूंकने के हालात पैदा कर दिए हैं। बड़ी संख्या में उपभोक्ता राशन डीलरों की दुकानों के बाहर राशन की दुकानों के ताले खुलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कई उपभोक्ता दिन में तीन से चार बार राशन की दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। विभिन्न मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल के तहत जिले के भी राशन डीलरों ने राशन की दुकानों पर ताले लटका कर बेमियादी हड़ताल पर उतर गए हैं। स्थितियां ये हैं कि राशन की दुकानों में इस माह वितरित होने वाला करीब 60 हजार क्विंटल गेहूं बंद पड़ा है। वहीं, डूंगरपुर जिले के 2 लाख 87 हजार 671 परिवारों के 11.92 लाख उपभोक्ता राशन की दुकानों से गेहूं वितरण की बाट जोह रहे हैं। हड़ताल के दूसरे दिन जिले में एक भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं हुआ तथा एक किलो भी राशन का वितरण नहीं हुआ। राशन विक्रेताओं की मांगों का 122 लेम्प्स एवं सरकारी समितियों ने भी समर्थन करते हुए राशन वितरण को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं।
1-राशन डीलर को प्रतिमाह 30 हजार रुपए का मानदेय।
2- गेहूं पर 2 प्रतिशत छीजत मिले।
3- केन्द्र एवं प्रदेश सरकार का बकाया कमीशन तत्काल जारी किया जाए।
4- आधार सीडिंग की राशि व ई-केवाईसी का सीडिंग का मानदेय दिया जाए।
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जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर राशन डीलरों ने शुक्रवार को नारेबाजी कर अपना मांग पत्र रखा। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हरीश यादव, राकेश जैन, राजेश जैन, हरीश यादव, फूलचंद जैन, मानसिंह आदि ने जल्द से जल्द मांगों पर सहमति की मांग रखी।
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