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डूंगरपुर.
छोटे लेकिन स्वच्छ एवं सुन्दर डूंगरपुर के लिए गौरव की बात है कि हमारा यह शहर न केवल भारत अपितु,अफ्रीका के भी छोटे शहरों के लिए रोल मॉडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्वच्छता को लेकर किए गए स्थायी एवं तकनीकी युक्त प्रयासों की सराहना बिल गेट्स एण्ड मिलिंडा के अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने की। यह खुलासा सोमवार को नगरपरिषद् सभागार में थ्री-आर वेस्ट फाउण्डेशन ऑफ इण्डिया की ओर से हुई कार्यशाला में हुआ। बिल गेट्स एण्ड मिलिंडा संगठन की ओर से अनुसंधान के लिए पंजीकृत की गई थ्री-आर संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुलवंतसिंह ने पावर पोईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से डूंगरपुर शहर में गत जनवरी माह में किए गहन अध्ययन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन को आधार बनाते हुए डूंगरपुर नगरपरिषद् की ओर से शौचालय निर्माण एवं उनके उपयोग, कचरा निस्तारण तथा उस कचरे के बेहतर उपयोग को लेकर जो प्रयास किए हैं वह प्रशंसनीय हैं, साथ ही और कुछ और अपेक्षित सुधार कर लिए जाएं, तो यह शहर कुछ ही समय में रोल-मॉडल साबित होगा। कार्यशाला में सभापति केके गुप्ता, आयुक्त गणेश खराड़ी सहित नगरपरिषद् के अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
'सर्वश्रेष्ठ बन रहा है डूंगरपुर'
सिंह ने बताया कि थी-आर के साथ ही फिनिश, वेस्ट निदरलेण्ड एवं जर्मनी की एक संस्था सहित चार ने मिलकर अफ्रीका के चार, भारत के चार, बांग्लादेश एवं श्रीलंका के एक-एक शहर का सर्वे किया। यहां सर्वे दल ने स्वच्छता से जुड़े अलग-अलग घटकों पर अनुसंधान किया। इसके आधार पर निष्कर्ष के रुप में यह कह सकते हैं कि डूंगरपुर इन सब शहरों में फिलहाल श्रेष्ठ है।
इन कार्यों ने बनाया बेस्ट
1. डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण 2. कचरे का ठोस निस्तारण 3. कचरे से खाद एवं बायोगैस प्लांट 4. यहां के लोगों की स्वच्छता को लेकर जागरूकता 5. बिना किसी अतिरिक्त फण्डिंग के स्वयं के स्तर पर स्त्रोत तलाश कर स्वच्छता के लिए ठोस कार्य 'वेस्ट इज बेस्ट'
इस मौके पर सिंह ने कहा कि अन्य शहरों में सीवरेज प्लांट हैं, जिसकी यहां कमी है। उन शहरों में कचरा संग्रहण तो हो रहा है। लेकिन, कचरा संग्रहण के बाद जितने अच्छे तकनीकी सिस्टम से यहां वेस्ट को बेस्ट बनाया जा रहा है वह अन्य शहरों में देखने को नहीं मिलता है। सर्वे में सामने आया कि स्वच्छता के मानकों में यह महत्वपूर्ण है कि स्वच्छता केवल नगरपरिषद् का ही दायित्व नहीं है। इसमें आमजन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए आमजन से लिए तय शुल्क की शत-प्रतिशत वसूली होनी चाहिए। लेकिन, शहरवासी यह राशि बहुत कम ही जमा करवा रहे हैं। जबकि, यह राशि हर माह निर्धारित तिथि तक जमा हो जानी चाहिए।
अब आगे क्या..
सिंह ने कहा कि हमने जनवरी में सर्वे कर कुछ सुझाव दिए थे। इन सुझावों पर नगरपरिषद् ने कार्य भी शुरू कर दिया है। अंतिम प्रारुप रिपोर्ट बिल गेट्स एण्ड मिलिंडा संस्था को सौंपी जाएगी। देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में डूंगरपुर का चयन होने पर यह अंतर्राष्ट्रीय संस्था डूंगरपुर में स्वच्छता सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करेगी। उसकी ब्रॉण्डिंग करेेगी।