
दुर्ग . अपना जीवन समाजसेवा में समर्पित करने वाले गोविंद कानाणी उर्फ गोपा जी सड़क हादसे में दुनिया को अलविदा कह गए। उनके नेत्रदान का संकल्प पविार के सदस्यों ने पूरा कराया। जिला अस्पताल की नेत्र विभाग की टीम ने पोस्टमार्टम से पहले मॉरचुरी जाकर उनका कार्निया कलेक्शन किया। इसे रायपुर मेडिकल कॉलेज के आई बैंक में जमा कराया गया है।
सड़क दुर्घटना में हो गई थी मौत
गोविंद शहर के समाज सेवी और नेत्रदान के लिए प्रेरित करने गठित नव दृष्टि फाउंडेशन के संस्थापक सदस्यों में शामिल राज व मुकेश आढ़तिया के पारिवारिक सदस्य हैं। इस परिवार के ५० सदस्यों ने जलाराम जयंती के दिन नेत्रदान करने के लिए संकल्प पत्र भरा था। सड़क दुर्घटना में मृत गोविंद कानाणी उर्फ गोपा की अंतिम इच्छा को परिवार के सदस्यों ने नव दृष्टि फाउंडेशन के सदस्यों के साथ मिलकर पूरी कराई।
सड़क दुर्घटना में हो गई मौत
पेशे से कैटरर 52 वर्षीय गोविंंद सिंगारपुर के निकट सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए थे। विवाह समारोह में शामिल होने डोगरगढ़ जा रहे थे। २८ अप्रैल को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उन्हें गंभीर हालत में स्पर्श अस्पताल रामनगर में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह ७ बजे सांस थम गई।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के सहयोग से कराया नेत्रदान
पारिवारिक सदस्यों ने संकल्प को याद दिलाते हुए तत्काल सबसे पहले नेत्रदान कराने की पहल की और जिला अस्पताल के नेत्र सहायक अजय नायक व अरुण सिंह के सहयोग से नेत्रदान कराया। इस अवसर पर मॉरच्युरी में नव दृष्टि फाउंडेशन के कुलवंत सिंह भाटिया, जीवनदीप समिति के सदस्य धर्मेंद्र शाह, अनिल बल्लेवार, देव जसवानी, खुर्शीद अहमद आदि उपस्थित थे।
सात लोगों को कार्निया भेजा आई बैंक
वैसे तो नव दृष्टि फाउंडेशन नेत्रदान करने लंबे समय से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। सामाजिक संगठन और व्यक्तिगत लोगों से मुलाकात कर वे नेत्रदान के लिए लोगों को प्रेरित कर संकल्प पत्र भरवा रहे हैं। फाउंडेशन के अध्यक्ष कुलवंत सिंह ने बताया कि वे अब तक ७ लोगों का कार्निया कलेक्शन कर आई बैंक भेज चुके हैं।