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हवस मिटाने साढ़े तीन साल की मासूम को घर के सामने से उठा ले गया दरिंदा, सिसकते हुए खून से लथपथ लौटी घर

गांव का ही एक 21 साल का शादीशुदा युवक उसे पेप्सी खिलाने के बहाने उठा ले गया और गांव के आंगनबाड़ी केन्द्र के पीछे उसके साथ दुष्कर्म किया।
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 2 May 2018, 10:47 AM IST

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भिलाई. साढ़े तीन साल की मासूम अपने घर के सामने खेल रही थी। गांव का ही एक 21 साल का शादीशुदा युवक उसे पेप्सी खिलाने के बहाने उठा ले गया और गांव के आंगनबाड़ी केन्द्र के पीछे उसके साथ दुष्कर्म किया। मासूम जब रोने लगी तो आरोपी उसे वहीं पर छोड़कर भाग गया। पीडि़ता ने अपनी मां को सिसकते हुए इशारों में घटना से वाकिफ कराया। पाटन पुलिस ने पीडि़त पिता की शिकायत पर आरोपी ओम प्रकाश को गिरफ्तार कर धारा 375, 5, 6 पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। आरोपी चरवाहा है। बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्र में किया दुष्कर्म
घटना मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे रवेली पाटन थाना क्षेत्र की है। मासूम अपने घर के सामने दुर्गा पंडाल के पास खेल रही थी। आरोपी इस बीच वहां पहुंचा। बच्ची को पैसे दिए और कहा कि जा अपने के लिए पेप्सी और मेरे लिए गुटखा लाना। बच्ची अपनी दुकान से पेप्सी और गुटखा लेकर उसके पास आ गई। इस बीच आरोपी उसे आंगनबाड़ी के बरामदे में ले गया और दुष्कर्म किया। जब वह चिल्लाने लगी तो आरोपी उसे छोड़कर भाग गया।

एक्सपर्ट व्यू
इस तरह के लोग परवेटेड बीमारी के मरीज
ऐसे लोग सेक्सुअल परवेटेड बीमारी के मरीज होते हंै। ये सेक्स के प्रति अलग नजरिया रखते हैं। इनकी सेक्स की कटेगरी अलग-अलग होती है। कई ऐसे लोग होते हैं जिन्हे बच्चों के साथ सेक्सुअल से सेटिफेक्शन मिलता है। इस मानसिकता वालों को साइकोलॉजी विशेषज्ञों से संपर्क करना चाहिए। इसमें पैरेट्स को बच्चियों के साथ कम से कम १८ वर्ष की उम्र तक बहुत ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्हें बहुत संभाल कर रखना है।

अस्पताल में भर्ती बच्ची
यह एक ऐसी प्रवृत्ति है कि क्लोज रिलेशन में भी बच्चे पीडि़त के शिकार हो जाते हैं। ऐसे रोगी उनकी मानसिकता जब चरम सीमा पर पहुंच जाती है तो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे बैठते हंै। एसडीओपी पाटन माधुरी घिरही ने बताया कि साढ़े तीन साल की बच्ची अपने घर के सामने खेल रही थी। आरोपी उसे बहला फुसला कर आंगनबाड़ी के पीछे ले गया। जहां उसके साथ अनाचार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। बच्ची अस्पताल में भर्ती है।

बच्ची ने रोते हुए बताया सारा घटनाक्रम
बच्ची रोते-बिलखते हुए घर पहुंची और सिसकते हुए इशारों में अपनी मां को घटनाक्रम से वाकिफ कराया। उसके प्राइवेट पार्ट से ब्लड निकल रहा था। वह दर्द के मारे सिसक रही थी। मां तत्काल उक्त बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंची। इस बीच डॉक्टर ने चेकअप के बाद बताया कि मासूम के साथ लैंगिक अपराध हुआ है।

फांसी की सजा
पॉस्को एक्ट में 12 साल तक की नाबालिग से अनाचार के आरोपी को फांसी की सजा का अध्यादेश केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूर हो चुका है। इसके साथ ही यह कानून देशभर में लागू हो गया हैं। आगामी राज्यसभा और लोकसभा सत्र में इसे पेशकर छह महीने के भीतर पास कराया जाएगा। दरअसल देशभर में लगातार मासूमों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रहीं हैं। इन घटनाओं ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इसलिए पॉस्को एक्ट में संशोधन कर दरिंदों को फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है।