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OMG! शासन से करोड़ों रुपए मिलने के बावजूद 41 गांवों की गलियों में पसरा है अंधेरा

दीनदयाल ज्योति योजना के तहत धीमी गति से हो रहा विद्युतीकरण का काम, अधिकारी भी नहीं बता पा रहे कब पूरा होगा काम, दुर्ग पर हैं निर्भर
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बेमेतरा

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Dakshi Sahu

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Updated: 2 May 2018, 10:14 AM IST

Bemetara Breaking news, Deen Dayal Jyoti Yojna, CSEB Bemetara

बेमेतरा . जिले के 89 गांवों की गलियों में बिजली पहुंचाने के लिए दीनदयाल योजना के तहत विद्युतीकरण कार्य किया जा रहा है। लेकिन योजना की जवाबदेही के लिए विभाग हाथ पीछे खींचने लगा है। जिले में योजना की रफतार धीमी होने से इसके पूरा होने में भी संदेह है। बताना होगा कि जिले में 78 करोड़ की लागत की योजना शुरू कर जिलेभर में नए सिरे से विद्युतीकरण किया जा रहा है। विशेषकर उन गांवों में जहां पर बसाहट से विद्युत पोल दूर है या फिर पोल लगाए ही नहीं गए हैं।

इन गांवों में पूरा हो चुका है विद्युतीकरण
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत जिले के 89 गांवों में से 48 गावों में कार्य जनवरी के अतिम सप्ताह के दौरान पूरा कर लिया गया था। जिनमें नवागांव, खंडसरा, मुलमुला, छितापार, हथमुड़ी, उधरा, भीमपुरी, फरी, रजकुड़ी, पथर्रा, बहिंगा, बगौद, सरदा, भोथीडीह, खम्हरिया, बोटका, डगरिया, भरचटठी, पतोरा,

रेवे, ताकम, सोढ, लेजवारा, सरदा, सिगदेही, कोष्टापार, भरदा, सुरहोली, देवादा, आकोली, कुम्ही, नेवनारा, साकरा, चंडी, जुनवानीकला, खुड़मुड़ी, गोपालभैना, लालपुर, मक्खनपुर, धनोरा, कटई, चमारी, मरदेही, खेरदा, जनुवानी, टेमरी, तोहडी, करमसेन, मल्दा व सिंधनपुरी में जनवरी के अंत में ही कार्य पूरा कर लिया गया था।

फीडर का काम बाकी
जिले में योजना से ही जुड़े 52 स्थानों पर फीडर का कार्य किया जाना है। जहां पर पोल का कार्य किया जाना है, वहां पर फीडर का काम रूका हुआ है। जिसके कारण केवल 30 स्थानों पर ही फीडर का कार्य हो पाया है। शेष 22 स्थानों पर कार्य किया जाना है। जिसके कारण लाइन का काम नहीं हुआ है।

विभाग को नहीं है शेष गांवों में स्थिति की जानकारी
जिन 41 गांवों में योजना का कार्य पूरा नहीं किया गया था, उसमे वर्तमान की स्थिति को लेकर जिम्मेदार स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। जिले में हो रहे कार्य का जिम्मा पूरी तरह से दुर्ग जिला ईकाई पर टिका हुआ है। एैसे में स्थानीय जिम्मेदारों को योजना से दूर ही रखा गया है। ऐसे में जनवरी माह में हुए समीक्षा के बाद विभाग की बड़ी योजना का कार्य कहां तक हो पाया है, इसकी जानकारी नहीं मिल रही है।

कार्य की स्थिति को लेकर लोगो ंको दुर्ग का चक्कर लगाना पड रहा है। ग्राम रमपुरा के कामदेव चंद्राकर ने बताया कि काम हो रहा है पर हमें लाभ कैसे मिलेगा, ये तक बताने वाले नहीं है। कारेसरा के राम लाल साहू ने बताया कि गांव की गलियों में नए सिरे से काम हो रहा है पर कब पूरा कर देंगे ये नहीं बता पर रहे हैं। स्थिति के कारण हमें बार-बार लाइट बंद होने का सामना करना पड़ता है। ईई जे एस चैाधरी ने बताया कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। जिसके कारण स्पष्ट स्थिति नहीं बता पाएंगे।

दो नए उपकेंद्र का होना है निर्माण
येाजना में दो उपकेन्द्र आनदंगाव व हाटरांका में नए उपकेन्द्र का निर्माण किया जाना है। जिसमें से आनदंगाव में 33 केव्ही लाइन में 100 पोल लगाया जा चुका है। वहीं 11 केव्ही में 230 पोल लगाए गए हैं। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन कंट्रोल रूम का कार्य जारी होने के कारण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।

इसी तरह हाट राका में 178 पोल 33 केव्ही के लिए लगाए गए हैं। वहीं 11 केव्ही के लिए 127 पोल लगाया जा रहा है। जिसके कारण निर्माण पूरा होना बाकी है। उपकेन्द्र का कार्य पूरा होने के बाद संबधित गांवों को लाभ मिल सकेगा। इनके अलावा बारगांव, खाती, मोहतरा, पिरदा व मोहतरा में अतिरिक्त उपकेन्द्र का कार्य होना बाकी है। साथ ही 11 केन्द्रों की क्षमता वृद्धि किया जाना था।

जिसमें से केवल अमेारा, खंडसरा, देवरबीजा में काम पूरा हो पाया है, शेष 8 गांव में कार्य अधूरा है। जिसके कारण संबधित गावों का कार्य प्रभावित हुआ है। बहरहाल योजना के लिए जिला पूरी तरह दुर्ग जिले पर निर्भर है। जिसके कारण क्रियान्वयन भी प्रभावित हुआ है।

दुर्ग से हो रहा है योजना का संचालन
इस संबंध में बेमेतरा विद्युत कंपनी के ईई, जेएस चौधरी ने कहा कि दुर्ग से योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना की स्थिति वहीं से पता चल पाएगी। वहीं योजना प्रभारी एई बीके पवार ने कहा कि मैं बाहर हूं, छुटटी पर हूं, कार्य के लिए दूसरे को प्रभार दिया हूं, उसका नंबर नहीं दे पाऊंगा।