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4800 KM की उड़ान के बाद गिधवा पहुंचे विदेशी मेहमान, अब क्यों छोड़ सकते हैं अपना ठिकाना? जानें

Migratory Birds in Chhattisgarh: साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर दुर्लभ प्रवासी पक्षी बेमेतरा के गिधवा-परसदा वेटलैंड पहुंचे हैं। अनुकूल मौसम और पर्याप्त भोजन के कारण यह क्षेत्र विदेशी परिंदों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है।
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बेमेतरा

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Khyati Parihar

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Updated: 3 Nov 2026, 5:29 PM IST

Chhattisgarh News

गिधवा पहुंचे विदेशी मेहमान (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Siberian Migratory Birds: बेमेतरा जिले के मोहभट्टा और गिधवा-परसदा वेटलैंड में साइबेरिया से आए दुर्लभ प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी ने क्षेत्र को राष्ट्रीय पक्षी मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है। हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय कर यहां पहुंचे इन विदेशी मेहमानों के लिए अब तेज आवाजें परेशानी का कारण बन रही हैं। पक्षी विहार के आसपास के गांवों में बंदरों को भगाने के लिए भरमार बंदूकों से फायरिंग किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे पक्षियों के प्राकृतिक आवास और उनके व्यवहार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

इस बार क्षेत्र में पैसिफिक गोल्डन प्लोवर (सुनहरा बटान) और कलगी वाली बत्तख जैसे प्रवासी पक्षी देखे गए हैं। पैसिफिक गोल्डन प्लोवर साइबेरिया और अलास्का के टुंड्रा क्षेत्रों से लगभग 4800 किलोमीटर की यात्रा कर यहां पहुंचता है। वहीं कलगी वाली बत्तख उत्तरी साइबेरिया, रूस और यूरेशिया के ठंडे इलाकों से करीब 4000 किलोमीटर का सफर तय कर छत्तीसगढ़ आती है।

अनुकूल मौसम और भोजन बना आकर्षण

साइबेरिया में सर्दियों के दौरान तापमान शून्य से 30 डिग्री नीचे तक पहुंच जाता है। जलाशयों के जमने से कीट, घोंघे और जलीय वनस्पतियों की उपलब्धता कम हो जाती है। ऐसे में बेमेतरा के जलाशयों में पर्याप्त भोजन, अनुकूल तापमान और उथले-गहरे पानी की उपलब्धता इन पक्षियों को आकर्षित करती है। यहां उन्हें सर्दियों में सुरक्षित आश्रय और भोजन मिलता है।

बंदूकों की आवाज से बदल सकता है ठिकाना

कोरोना काल के बाद नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र में बंदरों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण परेशान हैं। फसलों और बस्तियों को नुकसान से बचाने के लिए कुछ गांवों में बंदरों को भगाने के लिए शिकारी रखे जाने और भरमार बंदूकों से फायरिंग किए जाने की शिकायत है। तेज आवाज से पक्षियों में असामान्य गतिविधियां देखी जा रही हैं। लगातार व्यवधान बना रहा तो प्रवासी पक्षी अपना ठिकाना बदल सकते हैं। स्थानीय लोगों ने पक्षी विहार के आसपास के क्षेत्र को साइलेंट जोन घोषित करने की मांग की है।

ग्रामीणों के साथ होगी बैठक

बेमेतरा के रेंजर राम पटेल ने बताया कि आसपास के गांवों से बंदरों को भगाने के लिए तेज आवाज में फायरिंग की शिकायत मिली है। ग्रामीणों के साथ बैठक कर इस पर रोक लगाने का आग्रह किया जाएगा। फसल सुरक्षा के नाम पर जारी बंदूकों के उपयोग को लेकर उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से भी दिशा-निर्देश लिए जाएंगे।