
भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट से कॉपर और एल्युमिनियम के कीमती उपकरण चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास संयंत्र के दो अलग-अलग कर्मचारी एक टेक्निशियन और दूसरा सीनियर टेक्निशियन का गेटपास रखे थे। जिसे उन्होंने एक पॉकेटमार से पांच-पांच सौ रुपए में खरीदा था।
लक्जरी कार में आते थे प्लांट
जब भी चोरी करना होता था लक्जरी कार में प्लांट जाते और डिक्की व सीट के नीचे लाखों के पार्ट्स छुपाकर आसानी से बाहर आ जाते थे। पुलिस ने बीएसपी के कुछ अधिकारियों और सीआइएसएफ जवानों के भी मिलीभगत की आशंका जताई है। भिलाई भट्टी थाना पुलिस ने बताया कि बीएसपी प्लांट क्षेत्र में लगातार कॉपर वायर और एल्युमिनियम प्लेट चोरी की शिकायत मिल रही थी।
मुखबिर से सूचना मिली कि अर्जुन नगर कैंप-1 अटल आवास निवासी राकेश कोहीकर (30) और सपना टॉकीज के पास रहने वाले मनोज कुमार वर्मा (27) प्लांट में इनोवा कार सीजी 04 एच 2340 में घुम रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम तत्काल पहुंची।
सीआईएसएफ की मिलीभगत
पुलिस का कहना है कि बगैर संयंत्र के अधिकारियों और सीआइएसएफ की मिलीभगत के यह संभव नहीं है कि कोई बीएसपी कर्मचारियों के नाम से लक्जरी कार मे संयंत्र के भीतर जाकर चोरी करे। अब पुलिस बीएसपी के उन अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में भी पता लगा रही है जिनकी मिलीभगत से यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था।
ठेका श्रमिकों से करवाते थे चोरी
वे प्लांट के अंदर कार्यरत ठेका मजदूरों से चोरी कराते थे। फिर पार्ट्स को अपनी कार में भरकर प्लांट से बाहर निकालते और तुरंत सुपेला के इजराइल कबाड़ी के पास बेच देते थे। आरोपियों से अन्य चोरियों के संबंध में बारीकी से पूछताछ की जा रही है।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीएसपी के सीनियर टेक्निशियन मोहन लाल और टेक्निशिन शरद कुमार के नाम का उनके पास गेटपास था। उन्होंने खुर्सीपार के एक पॉकेटमार से 500 - 500 रुपए में खरीदा था। पुलिस ने आरोपी राकेश और मनोज कुमार वर्मा के खिलााफ धारा 41(1४), 379 के तहत जुर्म दर्ज किया है।
डिक्की में मिले साढ़े पांच लाख के पार्ट्स
पहली पाली छूटने के समय यूआरएम गेट से अधिकारियों के साथ संयंत्र से बाहर निकल रहे आरोपियों को गेट के सामने पहले से ही ताक लगाए बैठी पुलिस ने कार समेत धर दबोचा। ज्ञात हो कि यूआरएम गेट से सिर्फ अधिकारी ही आते-जाते हैं। गाड़ी की डिक्की और सीट के नीचेे 4 क्ंिवटल 20 किलो कॉपर और एल्युमिनियम के पार्ट्स व 5 लोहे की मशीन छुपा रखे थे। जप्त सामान की कीमत करीब साढ़े पांच लाख रुपए आंकी गई है।