दुर्ग

CG Politics : प्रताप की घोषणा से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ेंगी तो बीजेपी का समीकरण भी गड़बड़ाएगा

पूर्व पार्षद प्रताप मध्यानी आगामी विधानसभा चुनाव में दुर्ग शहर से जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। रविवार को मध्यानी के नाम की अधिकृत घोषणा कर दी गई।
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Jul 29, 2018
CG Politics
प्रताप मध्यानी होंगे दुर्ग शहर से जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी, आगामी मुकाबला त्रिकोणीय होगा, बीजेपी का रास्ता क्लीयर

दुर्ग. पूर्व पार्षद प्रताप मध्यानी आगामी विधानसभा चुनाव में दुर्ग शहर से जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे। रविवार को मध्यानी के नाम की अधिकृत घोषणा कर दी गई। मध्यानी के नाम की घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब उन पर गुटबाजी के आरोप लग रहे थे और एक दिन पहले ही दूसरे प्रबल दावेदार माने जा रहे प्रकाश देशलहरा ने पार्टी का ग्राफ गिरने का हवाला देकर सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी के समक्ष दावेदारी छोडऩे का ऐलान किया था।

टिकट के दावेदारी को लेकर शुरूआत से ही अंतर्कलह
जोगी कांग्रेस के शहर इकाई में विधानसभा टिकट के दावेदारी को लेकर शुरूआत से ही अंतर्कलह चल रहा था। हालात यह था कि खेमे में बंटे नेता पार्टी आलाकमान के निर्देश के बाद भी एक मंच पर आने पर सहमत नहीं थे और अलग-अलग कार्यक्रम व सभाओं का आयोजन किया जा रहा था। वहीं सप्ताहभर पहले ही मध्यानी के करीबी को यूथ विंग का शहर अध्यक्ष बनाए जाने के विरोध में देशलहरा सहित दूसरे खेमे से संबद्ध दर्जनभर पदाधिकारी और करीब 150 कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा भी दे दिया था। इस बीच अचानक एक दिन पहले प्रदेश महासचिव प्रकाश देशलहरा ने राजधानी जाकर पार्टी सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सामने विधानसभा चुनाव नहीं लडऩे की इच्छा जाहिर करते हुए दावेदारी छोडऩे ऐलान कर दिया था, इससे मध्यानी का रास्ता साफ हो गया।

मध्यानी को टिकट मिलने से राजनीतिक समीकरण
मध्यानी को जोगी कांग्रेस से टिकट मिलने से दुर्ग का आगामी विधान चुनाव त्रिकोणीय मुकाबला होगा। राजनीतिक पंडित अब किस राजनीतिक दल को नुकसान और किसे फायदा होगा इसकी समीक्षा और चर्चा तेज हो गई हैं। जानकार यह भी बताते हैं कि मध्यानी के मैदान में उतरने से सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस पार्टी को होगी। उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस की रही है। भले ही वह जोगी कांग्रेस से विधायक प्रत्याशी के दावेदार हो गए हो किंतु कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता और टिकट के बाद नाराजगी का फायदा उन्हें मिलेगा। कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता खुलेरूप से न सही पर भीतरी तौर पर मध्यानी को काम समर्थन करेंगे इसे कोई संदेह नहीं है। इससे संभावित कांग्रेस प्रत्याशी को पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

भाजपा को होगा फायदा
राजनीति के कुछ जानकार मध्यानी को टिकट मिलने से सत्ताधारी पार्टी भाजपा के संभावित प्रत्याशी के लिए जीत का रास्ता क्लीयर और आसान मान रहे है। ऐसे लोगों का मानना है कि मध्यानी और कांग्रेस प्रत्याशी में मतों का विभाजन होगा वहीं भाजपा के सारे वोट उनके प्रत्याशी के पक्ष में पडेंगे। भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने वाली जैसी बात नहीं होगी।

मध्यानी ने कहा सभी एकजुट
इधर टिकट की घोषणा से उत्साहित मध्यानी ने गुटबाजी या अंतर्कलह जैसी किसी भी स्थिति से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश महासचिव देशलहरा से उनके मधुर संबंध हैं और उनेहोंने चुनाव मेें सहयोग का भरोसा भी दिलाया है। उन्होंने कहा कि दावेदारी व अपना पक्ष रखना सबका हक है, लेकिन पार्टी के लिए सभी एकजुट हैं।

पाटन पर फैसला अब भी नहीं
जिले के सबसे महत्वपूर्ण पाटन विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के नाम की घोषणा इस बार भी नहीं की गई। जोगी कांग्रेस के प्रमुख पूर्व सीएम से पाटन के विधायक व पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल के आपसी द्वंद्व के कारण इस सीट को बेहद अहम माना जा रहा है। रविवार को पांचवी सूची में 5 सीट की घोषणा की गई। इस तरह जोगी कांग्रेस के 41 प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है।

दो दर्जन आए मध्यानी के साथ
इधर मध्यानी के मालवीय नगर आवास पहुंचकर शहर के अलग-अलग इलाके के दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने जोगी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। मध्यानी ने इन कार्यकर्ताओं को गमछा ओढ़ाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण करने वालों में राहुल यादव, गणेश यादव, शंकर यादव, मोंटू तांडी, चुम्मन तांडी, शुभम यादव, मनोरंजन तांडी, लल्लू यादव, राहुल तांडी, अजय ढीमर, राहुल सोनकर, मनीष यादव, मोनू सारथी, पिंटू सपहा, गोपी यादव, संदीप यादव शामिल थे।

Updated on:
29 Jul 2018 09:18 pm
Published on:
29 Jul 2018 09:18 pm