दुर्ग

शर्मनाक: 62 साल का हेड मास्टर मासूम बच्ची के साथ स्कूल में करता था ऐसी हरकत, कोर्ट ने सुनाई ये खौफनाक सजा

दूसरी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले हेड मास्टर को मिली ये खौफनाक सजा
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Nov 24, 2019
शर्मनाक: 62 साल का हेड मास्टर मासूम बच्ची के साथ स्कूल में करता था ऐसी हरकत, कोर्ट ने सुनाई ये खौफनाक सजा
शर्मनाक: 62 साल का हेड मास्टर मासूम बच्ची के साथ स्कूल में करता था ऐसी हरकत, कोर्ट ने सुनाई ये खौफनाक सजा

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। प्रदेश के दुर्ग जिले से एक ऐसे खबर आई है जिसे पढ़ आपकी पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।दरअसल दुर्ग जिला एवं सत्र न्यायालय ने शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले एक हेड मास्टर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 62 वर्षीय हेडमास्टर को 8 वर्षीय मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म का दोषी पाते हुए शनिवार को सजा सुनाई है।

यह है पूरा मामला
मामला 2015 का है। मासूम पीड़ित कक्षा दो की छात्रा थी। उसके साथ स्कूल के हेडमास्टर फूलचंद धोबी ने जुलाई 2015 से इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था। 2016 में छात्रा की तबियत अचानक खऱाब हो गई। मासूम पीड़ित स्कूल जाने से कतराने लगी थी। जब घरवालों द्वारा मासूम से बार बार पूछने पर उसने पूरी घटना का खुलासा किया अपने माँ के सामने किया। मासूम ने बताया कि जब वह दूसरी कक्षा में थी तो गेम क्लास के दौरान हेड मास्टर फूलचंद धोबी ने उसके साथ गंदी हरकत की थी। जिसके बाद वह अक्सर ही उसके साथ यह हरकत करने लगा था।

पीड़ित के परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी हेड मास्टर के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। प्रकरण पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश मधु तिवारी ने कहा है कि अभियुक्त का कृत्य न केवल राज्य के प्रति अपराध है, बल्कि समाज के प्रति भी अपराध है। अभियुक्त ने प्रधान पाठक के सम्मानित पद पर रहते हुए 7-8 वर्ष की बालिका के साथ किया गया कृत्य घृणित व अमर्यादित है। यह मानवता के विपरीत है। अपराध की प्रकृति को देखते हुए अभियुक्त को परिवीक्षा अधिनियम के उदार प्रावधानों का लाभ देना न्यायासंगत नहीं होगा।

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Updated on:
24 Nov 2019 07:25 pm
Published on:
24 Nov 2019 07:25 pm