दुर्ग

CG Breaking: देश के पहले ट्रेन हाईजेक केस का 5 साल बाद आया फैसला, गैंगस्टर कबरा समेत 11 आरोपी दोषी करार

देश के पहले ट्रेन हाइजेक मामले में गैंगस्टर उपेंद्र सिंह उर्फ कबरा समेत अन्य आरोपियों को न्यायाधीश मंसूर अहमद साहब ने मंगवार को दोषी ठहराया है।

2 min read
Apr 24, 2018
patrika

दुर्ग . देश के पहले ट्रेन हाइजेक मामले में गैंगस्टर उपेंद्र सिंह उर्फ कबरा समेत अन्य आरोपियों को न्यायाधीश मंसूर अहमद साहब ने मंगवार को दोषी ठहराया है। फैसला दोपहर 3.30 बजे सुनाया जाएगा। घटना 6 फरवरी 2013 की है। इस मामले में कुल 11 आरोपी हैं। जिसमें से दो फरार हैं। विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने तथ्यों के साथ अरोपियों की करतूत को अदालत के सामने लाने में अहम भूमिका निभाई।

बहुचर्चित और देश के अकेले ट्रेन हाईजेक प्रकरण पर विशेष न्यायाधीश ने 24 अप्रैल यानि आज फैसला सुनाया है। न्यायालय ने फैसले की तिथि पहले ही तय कर दी थी। इसके पहले ३ अप्रैल को हुई सुनवाई में बचाव पक्ष का बहस सुनने के बाद विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने 43 पृष्ठों में बहस का जवाब प्रस्तुत किया। विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि इस प्रकरण में कई तथ्य ऐसे हंै जिसमें प्रतिपरीक्षण के दौरान आरोपियों ने और बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने स्वीकार किया है।

देश का पहला ट्रेन हाईजेक प्रकरण

देश का पहला ट्रेन हाईजेक प्रकरण किसी तरह काल्पनिक नहीं है। कुम्हारी थाना क्षेत्र के कैवल्य धाम के निकट हुई यह घटना बहुत गंभीर है। आरोपी वारदात के समय जो हथियार उपयोग में लाए है उसे फेंक दिया गया था। उस स्थान की जानकारी केवल आरोपियों को थी। पुलिस ने उसे जब्त किया है। हथियार वही है इसकी पहचान भी आरोपियों ने की है। विशेष लोक अभियोजक ने बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बहस का जवाब बिन्दुवार दिया था। साथ ही जवाब के साथ अलग - अलग न्यायालयों में हुए फैसले का रिफ्रेंस भी दिया।

इसलिए प्रकरण है खास
इस प्रकरण में कुम्हारी पुलिस ने दो और जीआरपी ने एक अपराध दर्ज किया है। न्यायालय के निर्देश पर तीनों प्रकरणों को एक साथ कर विचारण के लिए रायपुर से दुर्ग न्यायालय भेजा गया। न्यायालय के इतिहास में यह पहला मामला है जब तीन अलग-अलग प्रकरणों को एक कर सुनवाई की गई।

कबरा को छुड़ाने जनशताब्दी को किया था हाइजेक
बिलासपुर जेल से गैंगस्टर उपेन्द्र सिंह उर्फ कबरा को पेशी में दुर्ग न्यायालय लाया गया था। उपेन्द्र पुलिस की अभिरक्षा में था। उपेन्द्र को छुड़ाने के लिए उसके पुत्र प्रीतम ने साजिश रची थी। इसके तहत दुर्ग-रायगढ़ चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस को 6 फरवरी 2013 हाईजेक किया गया।

पेशी के बाद पुलिस कबरा को इसी ट्रेन में बैठाकर वापस बिलासपुर लौट रही थी। ट्रेन को हाईजेक करने के बाद आरोपी कुम्हारी के निकट उपेन्द्र सिंह उर्फ कबरा को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर भगा ले गए। इस दौरान आरोपियों ने एक लाल रंग की आई टेन कार भी लूटी।

9 आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
इस मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था। जिसमें 9 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। दो आरोपी फरार हैं। ट्रेन हाइजेक करने पर रेलवे एक्ट की धारा के अलावा इस प्रकरण में हत्या का प्रयास, पुलिस अभिरक्षा से आरोपी को भगाने की धारा भी लगाई गई थी।

Updated on:
24 Apr 2018 01:54 pm
Published on:
24 Apr 2018 02:16 pm