बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी आधी रात अलख राम के 20 साल के बेटे प्रशांत सिंह ने पद्मनाभपुर चौकी में चीख चीख कर कहा कि उसके पिता की हत्या की गई है। हत्या की वारदात का वह चश्मदीद गवाह है।
दुर्ग. हनोदा निवासी अलखराम खुटेल (62 वर्ष) की मौत को पुलिस सड़क दुर्घटना समझ घटनास्थल से लौट आई थी। पुलिस उस समय हरकत में आई जब बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी आधी रात अलख राम के 20 साल के बेटे प्रशांत सिंह ने पद्मनाभपुर चौकी में चीख चीख कर कहा कि उसके पिता की हत्या की गई है। हत्या की वारदात का वह चश्मदीद गवाह है। हनोदा के आधा सैकड़ा लोग भी चौकी पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसके बाद पद्मनाभपुर पुलिस ने संदेही परमानंद कोसरे को हिरासत में लिया। पुलिस उससे पूछताछ के लिए सिटी कोतवाली लेकर गई।
देर रात मालूम हुआ कि पिता की मौत हो गई
प्रशांत खुटेल ने बताया कि घटना के समय उसके पिता देर शाम घर से गांव के चौपाल की ओर निकले थे। टहलते हुए वे गांव के तालाब की ओर निकल गए। तब वह भी नजदीक खड़ा था। इसी बीच कंधे में टावेल लटकाए परमानंद वहां पहुंचा और उसके पिता पर वार कर तालाब की ओर भाग निकला। उस समय उसे यह नहीं मालूम था कि गंभीर रुप से घायल हुआ व्यक्ति उसका पिता है। देर रात मालूम हुआ कि उसके पिता की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने समझा दुर्घटना
अलख राम खुटेल सड़क किनारे गंभीर हालत में पड़ा था। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो सिर पर गंभीर चोट थी। जहां से खून बह रहा था। ग्रामीणों ने तत्काल १०८ बुलाकर अलख राम को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया,लेकिन रास्ते में ही अलख राम की सांसे थम गई। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट की वजह स्पष्ट नहीं
मामले को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर आरके नायक से क्यूरी भी की, लेकिन डॉक्टर ने मौत की वजह सिर पर आए चोट को बताया। चोट कैसे आई इसका खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस आगे की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
पेट्रोलिंग टीम को ग्रामीणों दुर्घटना बताया
घटना के समय पद्मनाभपुर चौकी प्रभारी एसएस गेंदेले पेट्रोलिंग टीम के साथ हनोदा के आसपास ही थे। हनोदा पहुंचते समय उन्हें रास्ते में १०८ संजीवनी दिखाई दी। जानकारी लेने पर उन्हें ग्रामीणों ने बताया कि सड़क दुर्घटना में अलख राम खुटेल घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है। सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद ही पद्मनाभपुर पुलिस घटना स्थल में जांच किए बिना ही वापस चौकी लौट आई।