
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 100 रुपए के नए नोट की तस्वीर गुरुवार को जारी कर दिया। उम्मीद की जा रही है बैंक इस नोट को जल्द ही जारी कर सकता है। लेकिन इस नोट से बड़ी समस्या खड़ी होने की संभावना जताई जा रही है। एक रिपोर्ट की माने तो इस नए नोट के लिए देशभर के करीब 240,000 एटीएम मशीनों को रिकेलिबरेट (recalibration) करने की आवश्यकता होगी। इस प्रक्रिया के लिए सरकार को तकरीबन एक अरब रुपये खर्च करने पड़ेंगे और इसमें एक साल से ज्यादा समय लगेगा। अगर ऐसा होता है तो जैसे नोटबंदी में एटीएम के बाहर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला था, एक बार फिर ऐसा कुछ हो सकता है।
ऐसे बढ़ सकती है मुश्किल
आपको बता दें कि एक एटीएम में चार अलग अलग साइज के कैसेट होते जिसमें रुपए को डाला जाता है। 100 रुपये के नोट के विभिन्न साइज का अर्थ यह होगा कि दो कैसेट का इस्तेमाल एक ही कीमत वाले नोट के लिए किया जाएगा, जिसके बाद अन्य नोटों के लिए केवल दो कैसेट बच जायेंगे। टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पटेल ने कहा, इससे एटीएम की नकद वाहक क्षमता कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल एटीएम ऑपरेटरों के लिए नकद ले जाने की लागत में वृद्धि होगी बल्कि नकदी की कमी भी हो सकती है।
नोटबंदी के बाद से यह छठां नया नोट
यह नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किया जाने वाला छठां नया नोट है और यह 200 रुपये और 2,000 रुपये के नोट के आकार से एकदम अलग है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि नए नोटों का उत्पादन देवास में पहले ही शुरू हो चुका है और इसे अन्य टकसालों में भी शुरू किया जायेगा। पुराने और नए 100 रुपये के नोटों के आयामों में अंतर एक गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को घोषणा की कि जल्द ही गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर वाले 100 रुपये के नोट जारी करेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना के अनुसार नए बैंकनोट 66 मिमी x 142 मिमी के होंगे जो मौजूदा नोट से काफी छोटे हैं, मौजूदा नोट73 मिमी x 157 मिमी के हैं. हिताची पेमेंट सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर लोनी एंटनी का कहना है कि "हमें विश्वास है कि नए 100 रुपये के नोटों के लिए पुनर्मूल्यांकन के अभ्यास में 1 अरब रुपये से ज्यादा का खर्च लग सकता है और इसमें 12 महीने लग सकते हैं।