अर्थव्‍यवस्‍था

26/11 स्पेशलः कसाब पर 50 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद 50 रुपए में दे दी गर्इ थी फांसी

महाराष्ट्र सरकार ने कसाब को फांसी देने से पहले उस पर करोड़ों रुपयों का खर्च किया गया, लेकिन क्या आपको पता है कि उसे फांसी देने में मात्र 50 रुपए खर्च किए गए थे।
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Nov 26, 2018
Ajmal kasab
26/11 स्पेशलः कसाब पर 50 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद 50 रुपए में दे दी गर्इ थी फांसी

नर्इ दिल्ली। 26/11 देश ही दुनिया के इतिहास का काला दिन। इसी दिन समुद्री रास्ते से देश में 10 आतंकी घुसे थे आैर होटल ताज में हमला कर 169 लोगों की जान ली। इस पूरे मामले में अजमल कसाब की गिरफ्तारी हुर्इ आैर उसे यरवड़ा जेल में रखा गया। चार साल बाद उसे फांसी दे दी गर्इ। यह बात सभी को पता है कि महाराष्ट्र सरकार ने कसाब को फांसी देने से पहले उस पर करोड़ों रुपयों का खर्च किया गया, लेकिन क्या आपको पता है कि उसे फांसी देने में मात्र 50 रुपए खर्च किए गए थे। जी हां, आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर अजमल को रखने में सरकार का किस मद में कितना खर्चा हुआ था आैर आखिर फांसी में 50 रुपए ही खर्च क्यों हुए…

संविधान में है 50 रुपए का प्रावधान
मुंबई हमले में दोषी आतंकी अजमल कसाब को जेल की सलाखों के पीछे रखने में महाराष्ट्र सरकार करीब पचास करोड़ रुपये का खर्च किए थे। वहीं उसकी फांसी पर केवल 50 रुपए का ही खर्च हुआ। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश के कानून के मुताबिक किसी अपराधी को फांसी देने के लिए बजट में केवल पचास ही रुपए का ही प्रावधान है। अब आप सोच सकते हैं कि अगर कसाब को पहले फांसी दे दी जाती तो महाराष्ट्र सरकार का कितना रुपया बचता।

इन मदों में हुआ था कसाब पर खर्च
मुंबई हमलों में एकमात्र पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब पर सरकार रोज करीब 3.5 लाख रुपये खर्च कर रही थी। जिसमें कसाब का खाना, सुरक्षा, स्पेशल सेल, वकील का खर्च शामिल था। आंकड़ों के अनुसार कसाब और उसकी सुरक्षा में लगे लोगों के खाने-पीने पर 34,975 रुपए और मेडिकल पर 28,066 रुपए खर्च हुए थे। इसी तरह उसे जिस जेल में रखा गया था, उसे बम व बुलेट प्रुफ बनाने पर करीब 5 करोड़ 25 लाख रुपए खर्च हुए थे। कसाब की सुरक्षा में तैनात महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी आैर कर्मचारी के वेतन पर 1,22,18,406 रुपए सरकार ने खर्च किए थे। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों पर भी कुल 19 करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च किया गया।

किया था आत्मघाती हमला
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 26 नवंबर 2008 की रात को दस पाकिस्तानी आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया था। समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसे इन आतंकियों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ताज महल होटल, ट्राइडेंट होटल, कामा अस्पताल के भीतर व बाहर सैकड़ों मासूम लोगों को गोलियों से भूना था। 10 आतंकियों में से एक आतंकी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब को गिरफ्तार कर लिया गया था। मुंबई की विशेष अदालत के साथ-साथ मुंबई हाईकोर्ट ने भी 26/11 के आत्मघाती हमले का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

Updated on:
26 Nov 2018 12:31 pm
Published on:
26 Nov 2018 12:31 pm