CBDT ने कहा, एसोसिएशन और अधिकारियों को किसी ने नहीं था रिपोर्ट करें तैयार मना करने के बाद Twitter पर रिपोर्ट को डालना है अनुसाशनहीनता की निशानी
नई दिल्ली। आईआरएस एसोसिएशन ( IRS Association ) की ओर से जारी फोर्स सुझावों से किनारा करते हुए केंद्र सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। देश के करीब 50 आईआरएस अधिकारियों ( IRS Officers ) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुपर रिच लोगों पर 40 फीसदी टैक्स के साथ सेस और सरचार्ज लगाया जाए। सरकार की ओर से इस रिपोर्ट पहले किनारा किया और उसके अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर जांच के आदेश जारी कर दिए। आपको बता दें कि वास्तव में इंडियन रेवेन्यू सर्विस एसोसिएशन की ओर से सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस को FORCE यानी Fiscal Option and Response to the Covid-19 Epidemic के नाम से यह प्रस्ताव था।
सीबीडीटी का बयान
सीबीडीटी की ओर से जारी बयान के अनुसार उसने आईआरएस एसोसिएशन या इन अधिकारियों को किसी तरह की रिपोर्ट तैयार करने के लिए नहीं बोला गया था। साथ विभाग ने इस बात की भी जानकारी दी कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले कोई अनुमति भी नहीं ली गई। सीडीबीटी के अनुसार यह पूरा मामला नियमों का उल्लंघन और अनुशासनहीनता का है। सीबीडीटी के अनुसार इस मामले में सभाी अधिकारियों की जांच होगी, जिन्होंने यह रिपोर्ट बनाई है। सीबीडीटी साफ किया कि यह रिपोर्ट सीबीडीटी या फाइनेंस मिनिस्ट्री के आधिकारिक विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती है।
FORCE में दिए गए सुझाव
- सरकार सिर्फ ईमानदार टैक्सपेयर्स को ही राहत दे।
- 30 जून 2021 तक मौजूदा महंगाई भत्ते को ही रखे। केंद्र सरकार के 37 हजार करोड़ रुपए बचेंगे।
- 1 करोड़ से ज्यादा इनकम वालों पर 30 की जगह 40 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा।
- 5 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर वेल्थ टैक्स लागू किया जाए।
- बजट 2020-21 में सुपर रिच पर सरचार्ज लागू किया गया था, जिससे 2700 करोड़ रुपए की कमाई होती।
- विदेशी कंपनियों पर 9 से 12 महीनों के लिए सरचार्ज बढ़ाने की बात कही गई है।
- मौजूदा समय में विदेशी कंपनियों पर 1 से 10 करोड़ कमाई पर सरचार्ज 2 फीसदी और 10 करोड़ से ज्यादा कमाई पर 5 फीसदी सरचार्ज लगाया जाता है।
- फाइनेंस कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 'कोविड रिलीफ सेस' वसूलने का सुझाव दिया है।
- कोविड रिलीफ सेस से 15 से 18 हजार करोड़ रुपए वसूले जा सकते हैं।