देवेंद्र फणनवीस ने ये घोषणा एक एेसे समय में की है जब इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि ये 17 लाख कर्मचारी 7 अगस्त से तीन दिनों की हड़ताल पर जाने वाले हैं।
मुंबर्इ। महाराष्ट्र के करीब 17 लाख राज्य कर्मचारियों को शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंंद्र फणनवीस ने सातवें वेतन आयोग के तहत एक खास तोहफे की घोषणा की। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 लाख कर्मचारियों को 01 जनवरी 2019 से सातवें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुर्इ सैलरी मिलनी शुरु हो जाएगी। देवेंद्र फणनवीस ने ये घोषणा एक एेसे समय में की है जब इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि ये 17 लाख कर्मचारी 7 अगस्त से तीन दिनों की हड़ताल पर जाने वाले हैं। ये कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुर्इ सैलरी के मिलने की मांग को लेकर हड़ताल पर जाने वाले थे। इसके साथ ही इनकी ये मांग भी थी कि 5 दिवसीय कार्यदिवस की शुरुआत की जाए आैर सेवानिवृत्ति की उम्र को 58 से बढ़ाकर 60 कर दिया जाए।
पिछले 14 माह की मिलेगी महंगार्इ भत्ता
इस हड़ताल की धमकी महाराष्ट्र राज्य गैजेट आॅफिसर फेडरेशन, महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी संगठन आैर महाराष्ट्र राज्य क्लास फोर कर्मचारी एसोसिएशन के तरफ से एक साथ किया जाना था। हालांकि इन मांगों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने इन यूनियन के साथ बैठक की। फणनवीस ने कहा, "कर्मचारियों को एरियर जनवरी 2016 से जोड़कर दिया जाएगा वहीं डियरनेस एलाउंस (महंगार्इ भत्ता ) पिछले 14 माह के लिए दिया जाएगा।" महाराष्ट्र सरकार की ये घोषणा इस बात के लिए भी खास है क्योंकि अगले साल ही महाराष्ट्र में विधानसभी चुनाव भी होने वाले हैं।
सरकार के बजट पर पड़ेगा इतने रुपये का अतिरिक्त बोझ
गौरतलब है महाराष्ट्र सरकार के इस कदम से सरकार पर 21 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी की सरकार के बजट में 4800 करोड़ रुपये का सातवें वेतन आयोग के लिए प्रावधान होगा। बता दें कि पिछले कुछ समय से इन यूनियन के लोगों में वेतन आयोग को लेकर सरकार के खिलाफ गुस्सा था। राज्य सरकार लगातार ये बहाने बनाते आ रही थी की वो एक सदस्यीय कमिटी की रिपोर्ट के इंतजार में है। इस कमिटी की अध्यक्षता के पी बख्शी कर रहे थे।