
नई दिल्ली। जहां एक ओर पूरे देश में लागू हुई नई कर प्रणाली गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) की चौतरफा विरोध हो रहा है। वहीं दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट की ओर से केंद्र सरकार को राहत खबर मिली है। एशियन डेवल्पमेंट बैंक की ओर से जारी अनुमान के अनुसार अगले वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था के और बेहतर होने के आसार है। जानकारों की मानें तो इस तरह की रिपोर्ट से भारत की केंद्र सरकार को काफी राहत मिलेगी।
बढ़ेगी भारत की विकास दर
देश में लागू हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और सरकार की तरफ से किए जा रहे बैंक सुधारों से अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। मनीला स्थित एशियन डेवल्पमेंट बैंक (एडीबी) का भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर यह अनुमान है। एडीबी के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष 2018-19 और अगले वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान भारत में विकासदर 7 फीसदी के ऊपर रह सकता है।
जीएसटी की वजह से गिरी ग्रोथ
एडीबी के अनुमान के अनुसार पिछले वित्तवर्ष 2017-18 के दौरान नोटबंदी और जीएसटी की वजह से अर्थव्यवस्था पर दबाव बन गया था। जिसकी वजह से देश में विकस दर कम होकर 6.6 फीसदी हो गई थी। लेकिन इस साल विकासदर में बढ़ोतरी होने का अनुमान है, एडीबी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में खपत बढ़ने, निजी निवेश में बढ़ोतरी होने, निर्यात सामान्य रहने और शहरी इलाकों में खपत की ग्रोथ स्थिर रहने से आने वाले दिनों में विकासदर में बढ़ोतरी होगी।
बढ़ सकती है महंगाई
एडीबी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की अपनी अनुमानित रिपोर्ट में एक चिंता भी जाहिर की है। जो भारतीयों को भी चिंता में डाल सकती है। एडीबी ने कहा है कि आगे चलकर देश में महंगाई में बढ़ोतरी भी हो सकती है। बैंक के मुताबिक वित्तवर्ष 2018-19 के दौरान भारत में महंगाई दर 4.6 फीसदी और 2018-19 के दौरान 5 फीसदी रहने का अनुमान है।
आरबीआई और एडीबी के अनुमान में अंतर
एडीबी ने चालू वित्तवर्ष 2018-19 के दौरान भारत में ग्रोथ की रफ्तार 7.3 फीसदी और अगले वित्तवर्ष 2019-20 में 7.6 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2018-19 के दौरान भारत की विकास दर 7.4 फीसदी अनुमानित की है, ऐसे में एडीबी का अनुमान आरबीआई के अनुमान से कम है।