आॅस्ट्रेलिया में इन दिनों 100 डाॅलर के नोट को बंद करने के लिए जोर-शोर से बहस किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आॅस्ट्रेलिया के राजस्व व वित्तीय सेवा मंत्री केली आे'डावियर ने इसके लिए एक समिति भी तैयार कर ली है।
नर्इ दिल्ली। आज से करीब 20 माह पहले 08 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का एेलान किया था। एक बार फिर नोटबंदी को लेकर बहस छिड़ गर्इ है। लेकिन इस बार ये नोटबंदी भारत में नहीं बल्कि आॅस्ट्रेलिया में हो सकती है। आॅस्ट्रेलिया में इन दिनों 100 डाॅलर के नोट को बंद करने के लिए जोर-शोर से बहस किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आॅस्ट्रेलिया के राजस्व व वित्तीय सेवा मंत्री केली आे'डावियर ने इसके लिए एक समिति भी तैयार कर ली है। दरअसल आॅस्ट्रेलियार्इ सरकार ये कदम अरबों रुपए के टैक्स को सिस्टम में वापस लाने के लिए कर रही है। केली ने मीडिया को दी जानकारी में कहा कि नकदी लोगों के लिए कोर्इ दिक्कत नहीं है लेकिन जब लोग अपनी आय घोषित नहीं करते आैर टैक्स नहीं जमा करते तो ये अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।
अर्थव्यवस्था आैर बैंकिंग सिस्टम को दुरूस्त करने की कवायद
आॅस्ट्रेलिया में नोटबंदी को लेकर केवल टैक्स चोरी के वजह से ही नहीं बहस हो रही है बल्कि देश का जानकारों का कहना है कि इससे ड्रग आैर मानव ट्रैफिकिंग जैसी समस्या से निजात मिलेगी। नवंबर 2016 को भारत में हुर्इ नोटबंदी के बाद यूबीएस ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि यदि आॅस्ट्रेलिया भी एेसा ही कोर्इ कदम उठाता है तो इससे आॅस्ट्रेलियार्इ अर्थव्यवस्था आैर बैंकों पर साकारात्मक असर देखने काे मिलेगा। इस फर्म ने कहा है कि आस्ट्रेलिया में बड़े स्तर पर डीजिटल ट्रांजैक्शन होता है एेसे सरकार बड़े मद की नोटों को बंद कर सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि अपराध में कमी आएगी, टैक्स से राजस्व बढ़ेगा आैर दूसरी आेर
जमा पूंजी पर पड़ेगा असर
यूबीएस ने पाया था कि इससे बैंकों की जमा पूंजी में वृद्धि होगी। अगर सभी 100 डॉलर नोट बैंकों में जमा किए जाते हैं तो घरेलू जमा पूंजी में 4 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी। दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया के रिजर्व बैंक के अनुमानों के मुताबिक देश में 35 बिलियन अमरीकी डालर के 100 डॉलर नोट्स सर्कुलेशन में हैं। ऑस्ट्रेलियाई 100 डॉलर मुद्रा नोट को खत्म करने पर पूरी बहस ब्लैक इकॉनमी को रोकने के लिए है।