चीन की जीडीपी में 6.8 फीसदी गिरावट 1976 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट चीन से हुई थी कोरोना की शुरूआत
नई दिल्ली: पूरी दुनिया इस बात से हैरान है कि कैसे चीन इस महामारी पर कंट्रोल कर अपने देश को फिर से वापस रास्ते पर ला रहा है। लेकिन पहली तिमाही की रिपोर्ट आने के बाद पता चल रहा है कि कोरोना ने चीन को भी नहीं बख्शा है। भले ही चीन पर कोरोना को जानबूझकर पूरी दुनिया में फैलाने के आरोप लग रहे हैं, लेकिन सच तो हैं कि चीन को भी इसकी एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। 2020 की पहली तिमाही में चीन की जीडीपी में 6.8 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह है कोरोना की वजह से चीन का आर्थिक गतिविधियों को बंद कर देना का फैसला।
आंकड़ों में बात करें तो चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (एनबीएस) ने शुक्रवार को वायरस इंफेक्शन के बीच जनवरी-मार्च 2020 तिमाही में चीन की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 6.8 फीसदी घटकर 20.65 लाख करोड़ युआन (करीब 2.91 लाख करोड़ डॉलर) रही। बताया जा रहा है कि 1976 के बाद का ये चीन का सबसे बुरा प्रदर्शन रहा है ।
बिक्री में हुई 19 फीसदी की गिरावट-1976 में सांस्कृतिक क्रांति की वजह से चीन को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। वर्तमान की बात करें तो चीन में पहली तिमाही में उपभोक्ता वस्तुओं की खुदरा बिक्री में 19 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा बिक्री 17.7 फीसदी घटी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 19.1 फीसदी घट गई। मार्च तिमाही में कैटरिंग सेक्टर की आय 44.3 फीसदी घट गई। जबकि ऑनलाइन सेल में मात्र 0.8 फीसदी गिरावट रही।