वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ 6.1 फीसदी से गिरकर रह गई थी 5 फीसदी एशियन डेवलपमेंट आउटलुक 2020 में जारी की गई है जीडीपी ग्रोथ की रिपोर्ट फिच और इंडिया रेटिंग्स भी गिरा चुके हैं वित्त 2020-21 में भारत की जीडीपी
नई दिल्ली। दुनियाभर की सभी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और एजेंसीज वैश्विक महामंदी की ओर इशारा कर रहे हैं। वहीं वैश्विक जीडीपी के अनुमान को भी कम कर रहे हैं। भारत भी उसी मंदी का शिकार हो रह है। इसी वजह से दुनियाभर की एजेंसियां भारत की जीडीपी के अनुमान को लगातार कम कर रही है। कुछ दिन पहले फिच और घरेलू एजेंसी इंडिया रेटिंग्स की ओर से भी अनुमान को कम किया गया था। मूडीज और बाकी एजेंसिया भी भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को कम कर रही हैं। अब एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से भी भारत के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को कम कर दिया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर एशियन डेवलपमेंट आउटलुक 2020 किस तरह की रिपोर्ट जारी की गई है।
एडीबी ने गिराया भारत की जीडीपी ग्रोथ्स का अनुमान
एशियाई विकास बैंक ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट कम होकर 4 फीसदी रह सकती है। बाजार में पिछले साल आई सुस्ती के बाद से ही भारत की विकास दर धीमी होती रही है। वित्त वर्ष 2019 में यह 6.1 प्रतिशत से गिरकर 5फीसदी रह गई थी। एडीबी के अध्यक्ष मसात्सुगु असाकावा ने बताया कि कोविड-19 से दुनियाभर में लोग प्रभावित हुए हैं। इंडस्ट्री और फाइनेंशियल मूवमेंट भी काफी बाधित हो रहा है। बैंक ने अपने एशियन डेवलपमेंट आउटलुक 2020 में कहा कि भारत में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि अगले वित्त वर्ष में 6.2 फीसदी तक मजबूत होने से पहले वित्त वर्ष 2021 में घटकर चार फीसदी रह सकती है।
फिच और इंडिया रेटिंग्स ने भी कम किया था अनुमान
फिच सोल्यूशंस के अनुमान के अनुसार अगले वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की जीडीपी के अनुमान को कम करते हुए 5.4 फीसदी से 4.6 फीसदी कर दिया है। वहीं दूसरी ओर इंडिया रेटिंग्स ने भी देश की जीडीपी को लेकर चिंता जाहिर करते हुए वित्त वर्ष 2020-21 के लिए देश की जीडीपी दर अनुमान को कम कर 3.6 फीसदी कर दिया गया है। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार जून तिमाही में वृद्धि दर 2.3 फीसदी ही रहने की आशंका है। वहीं चालू वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में यह 4.7 फीसदी का अनुमान लगाया गया है।