अर्थव्‍यवस्‍था

बिना सहमति के पर्सनल डाटा यूज करने पर कंपनियों पर लग सकता है करोड़ों का जुर्माना

जाति-धर्म, पासवर्ड, सेक्शुअल प्रेफरेंस, आधार और टैक्स डीटेल आदि काफी संवेदनशील जानकारी है। इस जानकारी को बिना किसी के पूछे या सहमति के इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
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Jul 28, 2018
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बिना सहमति के पर्सनल डाटा यूज करने पर कंपनियों पर लग सकता है करोड़ों का जुर्माना

नर्इ दिल्ली। जब से कैंब्रिज ऐनालिटिका का डेटा लीक मामला सामने आया है तब से दुनियाभर की सरकारें इस पर काम करने लगी हुर्इ हैं। भारत में इसके लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति ने साफ कर दिया है कि जाति-धर्म, पासवर्ड, सेक्शुअल प्रेफरेंस, आधार और टैक्स डीटेल आदि काफी संवेदनशील जानकारी है। इस जानकारी को बिना किसी के पूछे या सहमति के इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोर्इ कंपनी एेसा करती है तो उस कंपनी पर डेटा प्रोटेक्शन लॉ के तहत 15 करोड़ रुपए से लेकर कारोबार के कुल टर्नओवर का 4 फीसदी का जुर्माना लगाया जा सकता है।

पर्सनल डेटा नहीं होना चाहिए इस्तेमाल
कमेटी के अनुसार यूजर को उसकी सहमति की जानकारी होनी चाहिए, सहमति स्पष्ट होनी चाहिए और सहमति को वापस लेने का भी लोगों के पास अधिकार होना चाहिए। इससे यूजर को पता रहेगा कि उसका डेटा कैसे आैर कहां इस्तेमाल हो रहा है। अगर कोर्इ यूजर नहीं चाहता है तो किसी को भी अधिकार नहीं होना चाहिए कि यूजर का डेटा इस्तेमाल करें। कमेटी इस मामले में साफ रुख है। एक्ट को ना मानने वालों के खिलाफ कार्रवार्इ जरूर होनी चाहिए। जिसकी सिफारिशें कमेटी की आेर से लाॅ मिनिस्टर को भी सौंपी गर्इ है।

आर्इटी एंड लाॅ मिनिस्टर को सौंपी रिपोर्ट
शुक्रवार को कमेटी की आेर से लाॅ एंडा आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को सौंपी गर्इ है। कमेटी के अनुसार इंटरनेट यूजर को अपने डेटा तक पहुंचने का अधिकार होना चाहिए। कमेटी ने बिना जानकारी के डेटा में बदलाव किए जाने को लेकर भी चिंता जताई और ऐसा रोकने के लिए सुझाव दिए। कमेटी का कहना है कि इंटरनेट सब्सक्राइबर्स और गूगल , फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्मों का इस्तेमाल करनेवालों को अपना व्यक्तिगत डेटा किसी भी वक्त हासिल करने का अधिकार होना चाहिए।

इसलिए बनार्इ थी कमेटी
गौरतलब है कि फेसबुक और कैंब्रिज ऐनालिटिका के डेटा लीक मामले में की बातें सामने आई थीं। यह पैनल जुलाई 2017 में डिजिटल इकॉनमी की ग्रोथ के लिए बना था। इसके साथ ही इसका उद्देश्य पर्सनल डेटा को सुरक्षित करने के लिए सुझाव देना था।

Published on:
28 Jul 2018 08:14 pm