अर्थव्‍यवस्‍था

फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट डील से डरी मोदी सरकार, कर्नाटक चुनाव में पड़ सकता है इस तरह से असर

फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल के नेतृत्व में वॉलमार्ट इंडियन मैनेजमेंट को बरकरार रखेगा।

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नई दिल्‍ली। जहां एक ओर आज वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट डील होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र में मोदी सरकार को इस डील से डर सताने लगा हैं। केंद्र को लग रहा है कि देश के व्‍यापारी इस डील से उनसे नाराज ना हो जाए। वहीं दूसरी ओर कर्नाटक चुनाव में इस डील का असर ना पड़ जाए? आखिर मोदी सरकार इस डील से क्‍यों घबरा रहे हैं? साथ ही ये डील कर्नाटक चुनाव में किस तरह से असर डाल सकती हैं? आइए पत्रिका बिजनेस की रिपोर्ट में जानने की कोशिश करते हैं...

इस डील से क्‍यों घबराई मोदी सरकार?
वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल चेन में से एक है। वहीं फ्लिपकार्ट देश की सबसे बड़ी ईकॉमर्स कंपनी में से एक हैं। जिसका भारत की मार्केट में 40 फीसदी का हिस्‍सा है। ऐसे में फ्लिपकार्ट का वॉलमार्ट में विलय हो जाता है तो वॉलमार्ट में देश में पहली ऐसी विदेशी कंपनी होगी जिसके स्‍टोर्स भारत में होंगे। जिसका खामियाजा देश में मौजूद रिटेल दुकानदारों को भुगतना होगा। आपको बता दें कि भारत में सरकार ने किसी भी विदेशी स्‍टोर खोलने की इजाजत नहीं दी है। ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार से देश के व्‍यापारी वर्ग नाराज हो सकते हैं। इसलिए देश की मोदी सरकार इस डील से थोड़ी डरी हुई है।

कर्नाटक चुनाव में भी पड़ सकता है असर
वहीं दूसरी ओर कर्नाटक का चुनाव अपने चरम पर है। जिसमें विपक्ष वॉलमार्ट की इस डील को बड़ा मुद्दा बना सकती है। वहीं व्‍यापारियों के नाराज होने की संभावना भी है। ऐसे में बीजेपी सरकार का तंत्र इस तरह का कोई सिग्नल नहीं देना चाहता है, जिससे यह संदेश जाए कि इस डील को उसका समर्थन प्राप्त है। ऐसा हुआ तो व्यापारी वर्ग नाराज होगा जिसे बीजेपी का ताकतवर वोट बैंक माना जाता है। जिसके बाद बीजेपी को कर्नाटक चुनाव के बाद 2019 के चुनाव में नुकसान हो।

वॉलमार्ट देगा सरकार को सफाई
वहीं दूसरी ओर वॉलमार्ट भी केंद्र सरकार को अपनी ओर से सफाई देगा और अपनी योजना की जानकारी देगा। जानकारी के अनुसार वॉलमार्ट को-फाउंडर बिन्नी बंसल के नेतृत्व में फ्लिपकार्ट में इंडियन मैनेजमेंट को बरकरार रखेगा। वॉलमार्ट भारत के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा निर्माण में निवेश भी करेगा। वहीं दूसरी ओर वॉलमार्ट की योजना भारत में कारोबार के विस्तार की है। इसके लिए वह 50 से 60 लाख किराना स्टोर्स से गठजोड़ कर उनके आधुनिकीकरण में मदद करेगा ताकि ये स्टोर्स वॉलमार्ट की संपूर्ण सप्लाई चेन का हिस्सा बन जाएं।

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Published on:
09 May 2018 01:18 pm
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