अप्रैल की सैलरी से लेकर मार्च 2021 तक हर महीने काटी जाएगी सैलरी सरकारी कर्मियों को बढ़े हुए डीए और डीआर का भी करना होगा इंतजार
नई दिल्ली। सांसदों की सैलरी के बाद अब सरकारी कर्मचारियों की सैलरी भी पीएम फंड में सहयोग के लिए जाएगी। चौंकिए नहीं। महीने में एक दिन की सैलरी का सहयोग ही सरकारी कर्मचारियों से मांगा गया है। यह कटौती अप्रैल महीने की सैलरी से शुरू होगी और सह सिलसिला मार्च 2021 की सैलरी तक जारी रहेगा। यानी 12 महीनों में 12 दिनों की सैलरी पीएम केयर फंड में जाएगी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते और डियरेंस अलाउंस के लिए भी इंतजार करना होगा। इसके लिए राजस्व विभाग की ओर सर्कूलर भेजा गया है। जिसमें यह तमाम बातें की गई हैं।
अगर किसी कर्मचारी को है आपत्ति
सर्कूलर के अनुसार अगर किसी अफसर या फिर कर्मचारी को इस कटौती या यूं कहें कि सहयोग से आपत्ति है तो सूचना राजस्व विभाग के ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर को दी जा सकती है। ऐसे कर्मचारियों को 20 अप्रैल 2020 तक से लिखित में अपने इंप्लॉय कोड के साथ अपने असहयोग की जानकारी देनी होगी। वहीं उस विभाग के कर्मचारी जो एक्टिव तौर पर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल हैं, उन्हें भी अपनी एक दिन की सैलरी का योगदान फंड में करना पड़ सकता है।
सांसदों ने भी पीएम केयर्स फंड में दी अपनी
इससे पहले सांसदों की ओर से भी पीएम केयर्स फंड में अपनी सैलरी का सहयोग किया है। देश के सांसदों ने अपने उक महीने का वेतन पीएम केयर्स फंड में दिया है। आपको बता दें कि देश में कोरोना वायरस की वजह से देश में लॉकडाउन का माहौल है। पहले यह लॉकडाउन सिर्फ 21 दिनों 14 अप्रैल तक का ही था , जिसे बढ़ाकर अब 3 मई तक कर दिया गया है। इस पीएम केयर्स फंड में देश के बड़े उद्योगपतियों और औद्योगिक घरानों में सहयोग किया गया है। इस फंड में देश का कोई भी व्यक्ति सहयोग कर सकता है।