अब अटके पड़े हाइवे प्रॉजेक्ट्स को पूरा किया जाएगा। सरकार ने एक नई नीति का ऐलान किया है। इसकी लागत करीब 30 हजार करोड़ रुपए होगी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने एक नई नीति का ऐलान किया है जिससे अटके पड़े हाइवे प्रॉजेक्ट्स को पूरा किया जाएगा। इसकी लागत करीब 30 हजार करोड़ रुपए होगी। बता दें कि इनमें वैसे प्रॉजेक्ट्स भी शामिल हैं जिनकी ठेकेदार कंपनियां दीवालियेपन का मुकदमा झेल रही हैं।
IL&FS के 30 प्रोजेक्ट्स अटके
फंडिंग की कमी के कारण इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी आईएलऐंडएफएस (IL&FS) के 28 से 30 प्रॉजेक्ट्स अटके पड़े हैं। केंद्र सरकार ने ये कदम बैंकों और प्राइवेट कंपनियों की फंडिंग खोलने के लिए उठाया। सड़क परिवहन मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) जैसी एजेंसियां अब एक सप्लीमेंट्री अग्रीमेंट के जरिए किसी कंपनी के साथ किए कॉन्ट्रैक्ट को वक्त से पहले खत्म कर सकती हैं।
कॉन्ट्रैक्ट अग्रीमेंट के मुताबिक होगा कर्ज का निर्धारण
इस संदर्भ में एक अधिकारी ने बताया कि, 'पूरा हो चुके काम की कीमत का निर्धारण प्रगति का विस्तृत आकलन कर किया जाएगा। वहीं, कॉन्ट्रैक्ट अग्रीमेंट के मुताबिक बकाए कर्ज का निर्धारण होगा, जिसमें प्रॉजेक्ट की वास्तविक कीमत का उल्लेख होता है।' सर्कुलर में ये भी कहा गया है कि अथॉरिटी प्राइवेट कंपनियों को उनके किए काम की कीमत या बकाया कर्ज का 90 फीसदी में जो भी कम होगा, देकर फाइनल सेटलमेंट कर लेगी।
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