
नर्इ दिल्ली।जीएसटी काउंसिल ने रविवार को वस्तु एवं सेवा कर के तहत रियल एस्टेट पर टैक्स कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जीएसटी काउंसिल के इस फैसले के बाद अब अंडर कंस्ट्रक्शन प्राॅपर्टीज पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, किफायती घरों के लिए 1 फीसदी टैक्स लगेगा। इसके पहले इन पर 8 फीसदी की दर से टैक्स देय था। हालांकि, दोनों बातों में इनपुट क्रेडिट का दावा नहीं किया जा सकता है।
1 अप्रैल से होगा लागू
45 लाख रुपए तक की कीमत वाली प्राॅपर्टीज को किफायती माना जाएगा। इसी तरह, मेट्रो शहरों में 60 स्क्वैयर मीटर की काॅर्पेट एरिया वाली प्राॅपर्टीज व नाॅन मेट्रो शहरों में 90 स्क्वैयर मीटर वाली प्राॅपर्टीज पर को भी किफायती माना जाएगा। रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी दरों में यह बदलाव 1 अप्रैल से लागू होगा। आपको बात दें कि इसके पहले 20 फरवरी को भी जीएसटी काउंसिल ने वीडियो काॅन्फ्रेंस की बैठक की थी। इस बैठक में कुछ राज्यों के वित्त मंत्रियों ने एक भौतिक बैठक की मांग की थी ताकि इस पर सही से चर्चा किया जा सके।
अभी कितना देना होता है जीएसटी
वर्तामन में, प्रीमियम घरों पर 12 फीसदी के हिसाब से जीएसटी देय है। वहीं किफायती घरों के लिए 8 फीसदी जीएसटी दर लगता था। साथ ही उन अंडर कंस्ट्रक्शन प्राॅपर्टीज जिनको अभी तक कम्प्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उनपर भी 8 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। गुजरात के डिप्टी सीएम नीतिन पटेल की अध्यक्षता वाली मंत्रियों की समूह ने कह अंडर कंस्ट्रक्शन प्राॅपर्टीज पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का प्रस्ताव दिया है। जबकि किफायती घरों पर 3 फीसदी की जीएसटी का प्रस्ताव था।