अर्थव्‍यवस्‍था

सड़कों पर उतरी हुई जनता को एक और झटका, खुदरा के बाद थोक महंगाई दर में इजाफा

दिसंबर थोक महंगाई की दर भारी वृद्धि के साथ 2.01 फीसदी पर पहुंची भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति की दर दिसंबर 2019 में 2.59 फीसदी हुई
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Wholesale Inflation Rate

नई दिल्ली। जहां एक ओर देश का युवा और महिलाएं सिटिजन एमेंडमेंट एक्ट 2019 के विरोध में सड़कों पर है। वहीं दूसरी ओर उसी जनता को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ रही है। खुदरा महंगाई दर ( Retail Inflation Rate ) के बाद अब थोक महंगाई दर ( Wholesale Inflation Rate ) में भी इजाफा हो गया है। जिसके विरोध पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे विरोधी दल सामने आ गए हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ( Ministry of Commerce and Industry ) की ओर मंगलवार को किस तरह के आंकड़े जारी किए हैं...

थोक महंगाई दर में इजाफा
भारत की दिसंबर थोक मुद्रास्फीति की दर भारी वृद्धि के साथ 2.01 प्रतिशत हो गई है, जो नवंबर में 0.58 प्रतिशत थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति की दर दिसंबर 2019 में 2.59 प्रतिशत हो गई। जबकि दिसंबर 2018 में यह 3.46 प्रतिशत रही थी। इस अनुसार, डब्ल्यूपीआई में गिरावट कहा जा सकता है। मंत्रालय ने दिसंबर के लिए अपनी समीक्षा 'भारत में थोक मूल्य सूचकांक संख्या' में कहा है, "वित्त वर्ष में अब तक बिल्ड अप महंगाई दर 2.42 प्रतिशत थी, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 2.92 प्रतिशत थी।"

खुदरा महंगाई दर में भी बढ़ोतरी
देश की खुदरा खाद्य महंगाई दर दिसंबर में 14.12 फीसदी पर पहुंच गई। ऐसा मौसमी कारकों की वजह से सब्जियों व दालों की कीमतों के बढऩे की वजह से हुआ। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक 14.12 फीसदी हो गया। यह नवंबर में 10.01 फीसदी था। इसके परिणामस्वरूप, उच्च खाद्य महंगाई दर की वजह से समग्र उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) 7.35 फीसदी हो गया। यह नवंबर में 5.54 फीसदी था। सलाना आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक दर के संदर्भ में सब्जियों व दालों की कीमतों में क्रमश: 60.50 फीसदी व 15.44 फीसदी की दिसंबर 2019 में बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, मांस और मछली की कीमतें 9.57 फीसदी बढ़ीं, अंडे 8.79 फीसदी और समग्र रूप से खाद्य और पेय पदार्थो की श्रेणी में 12.16 फीसदी की वृद्धि हुई। इसके अलावा, सीपीआई के तहत ईंधन में 0.70 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से महंगाई पर बैठक बुलाने को कहा
कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह विपक्षी पार्टी के नेताओं के साथ एक बैठक बुलाएं और उन्हें मंहगाई रोकने के लिए सरकार के रोडमैप के बारे में बताए, जो कि 2014 में संप्रग के सत्ता से बेदखल होने के बाद काफी ऊंचाई पर पहुंच गई है। केंद्र पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि एक महीने में महंगाई को रोकने के लिए क्या रोडमैप है।" आंकड़ों के अनुसार, साल-दर-साल आधार पर, खुदरा महंगाई दर सोमवार को साढ़े पांच साल के उच्चतम स्तर 7.35 फीसदी पर पहुंच गई है।

बढ़ती महंगाई पर आप ने साधा भाजपा पर निशाना
वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी (आप) ने बढ़ती महंगाई को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह से विफल हो चुकी है और आम आदमी के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। उप-मुख्यमंत्री और आप के नेता मनीष सिसोदिया ने लोगों से आग्रह किया है कि वह ध्यानपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने चेताते हुए कहा कि भाजपा को वोट देने का मतलब होगा बिजली, पानी, शिक्षा, यतायात और स्वास्थ सेवाओं को महंगा करना। सिसोदिया ने कहा, "भाजपा को दिया प्रत्येक वोट महंगाई के लिए होगा।" सिसोदिया ने मीडिया से कहा, "क्या उन्हें इन मुद्दों पर चर्चा करने पर वोट मिलेंगे? उन्हें चाहिए कि वे जनता के पास जाएं और बताएं कि उनके राज्य में महंगाई बढ़ी है। तब वे देखेंगे कि उन्हें कितने वोट मिलते हैं।"

Updated on:
14 Jan 2020 05:13 pm
Published on:
14 Jan 2020 05:13 pm