विश्वबैंक ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन साल तक भारत की आर्थिक रफ्तार 7.50 फीसदी की रहेगी। प्राइवेट खपत और निवेश की वजह से क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रहेगा। दक्षिण एशियाई के लिए विश्व बैंक ने मजबूत अनुमान लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय जीडीपी 6.9 फीसदी के करीब रहेगी।
नई दिल्ली। वैश्विक स्लोडाउन और भारत के हालिया आर्थिक ग्रोथ ( GDP ) के आंकड़े भले ही साथ नहीं दे रहे हों, लेकिन विश्व बैंक ( World Bank ) ने अगले कुछ सालों के लिए भारत की आर्थिक ग्रोथ अनुमान को बरकरार रखा है। विश्व बैंक ने अपने ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि अगले तीन साल तक भारत की आर्थिक रफ्तार 7.50 फीसदी की रहेगी, यानी की वित्त वर्ष 2019-20 से लेकर 2021-22 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था 7.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी ।
दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढऩे वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत
विश्व बैंक ने रिपोर्ट में कहा है कि प्राइवेट खपत ( Private Consumption ) और निवेश की वजह से क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रहेगा। आरबीआई की मौद्रिक कमिटी ( MPC ) की नीतियों और लक्षित मुद्रास्फिति टार्गेट सीमित दायरे में रहने की वजह से भी इसे सपोर्ट मिलेगा। विश्व बैंक ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से वृद्धि करने वाला अर्थव्यवस्था बना रहेगा। बता दें कि विश्व बैंक ने अपने पिछले अनुमान में भी कहा था कि वित्त वर्ष 2019-20 में भी भारत का ग्रोथे रेट 7.50 फीसदी रहेगा। विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि भारत में वस्तु एवं सेवा कर ( GST ) को अभी भी पूरी तरह स्थापित नहीं हो सका है। ऐसे में सरकार के राजस्व के बारे में पूरी अनुमान सही से नहीं लगाया जा सकता है।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति की वजह से 6.9 फीसदी रहेगी जीडीपी दर
दक्षिण एशियाई के लिए विश्व बैंक ने मजबूत अनुमान लगाते हुए कहा कि क्षेत्रीय जीडीपी 6.9 फीसदी के करीब रहेगी। पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक हालात की वजह से इसमें 0.2 फीसदी गिरावट रह सकती है, लेकिन वित्त वर्ष 2019 में यह 7 फीसदी और वित्त वर्ष 2021 में यह 7.1 फीसदी के रहने का अनुमान है।
एयरस्ट्राइक की वजह से नहीं पड़ा कोई असर
रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल ट्रेड में नरमी रहने की वजह से दक्षिण एशियाई देशों में इकोनॉमिक एक्टिविट धीमी ही रहेगी। हालांकि, विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि दक्षिण एशियाई के दो प्रमुख देशों के बीच (भारत और पाकिस्तान) बीते फरवरी माह में मिलिट्री ऑपरेशन की वजह से अर्थव्यवस्था पर कुछ खास असर नहीं पड़ा है। हालांकि, भविष्य में इन दोनों देशों के तनाव बढऩे से अनिश्चित्तता की स्थिति बन सकती है।
Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्ट्री, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट, म्युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें Patrika Hindi News App.