देश में एक राज्य ऐसा भी है जहां हर रोज पुराने नहीं बल्कि नए नोट पकड़े जा रहें हैं।
नई दिल्ली।मध्य प्रदेश , बिहार, झारखंड, दिल्ली समेत देश के कई राज्यों के एटीएम में बीते कई दिनों तक पैसे की किल्लत थी। लेकिन देश में एक राज्य ऐसा भी है जहां हर रोज पुराने नहीं बल्कि नए नोट पकड़े जा रहें हैं। आपको बता दें कि मौजूदा सरकार पूरी तरह कर्नाटक चुनावों के लिए कमर कस चुकी है। लेकिन बड़ी बात है कि आखिर दिल्ली जैसे राज्यों के एटीएम में पैसा नहीं है लेकिन फिर भी फिर भी अलग अलग रुट से पैसे ट्रांसफर हो रहे हैं। इसी को लेकर पत्रिका ने जांच शुरू की कि आखिर माजरा क्या है। तो पता चला कि कर्नाटक चुनाव में केवल एक दो हजार नहीं बल्कि 12000 करोड़ के असली नोटों की हेराफेरी का खेल चल रहा है। पत्रिका ने देश के बड़े बैंकों से बात की साथ ही कर्नाटक की जमीनी हकीकत जानने के लिए वहां चुनावों की देखरेख करने वाली कंपनी प्रोटोकॉल एक्सपर्ट ने जो आंकड़ें दिए वो चौकानें वाले हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला...
ऐसे चल रहा है खेल
प्रोटोकॉल एक्सपर्ट के चेयरमैन राहुल सिंह ने पत्रिका को बताया कि कर्नाटक चुनाव जीतने के लिए हर पार्टी पूरी जोर आजमाइश में लगी है। सिंह के मुताबिक कर्नाटक के एटीएम में पैसों की कोई कमी नहीं दिख रही है। आरबीआइ की एक रिपोर्ट के मुताबिक केवल 1 से 13 अप्रैल के बीच कुल 480000 करोड़ रुपए की रकम एटीएम से निकाले गए। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि 13 अप्रैल के बाद कई राज्यो के एटीएम से पैसे गायब होने लगे। वरिष्ट पत्रकार देवेश चरण जो कि कर्नाटक चुनावों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। चरण के बताया कि अलग अलग रुट के जरिए पार्टियां पैसे को कर्नाटक भेज रही हैं। जिसके चलते देश में पैसों की किल्लत शुरु हो गई है।
बिना पैसों के भी ऐसे जीत सकते हैं चुनाव
एक तरफ जहां सभी छोटी-बड़ी पार्टियां चुनाव में जमकर पैसा बहा रही हैं। वहीं एक शख्स ऐसा भी है जिसने बिना पैसे के चुनाव जीतने का बीड़ा उठाया है। साउथ फिल्मों के सुपरस्टार एन रघु भी चुनावी मैदान में हैं। रघु ने पत्रिका को बताया कि इस चुनाव में पैसों का जो खाला खेल चल रहा है। उसे खत्म करना जरुरी है। इसलिए रघु चुनाव लड़ रहे हैं ताकि लोगों को बताया जा सके कि बिना पैसों के भी चुनाव जीता जा सकता है।
यहां पैसों की किल्लत क्यों नहीं
देश के बाकी हिस्सों में जहां पैसे की किल्लत देखी जा रही है। वहीं कर्नाटक में पैसों की कोई कमी नहीं है। प्रोटोकॉल एकस्पर्ट के राहुल सिंह के मुताबिक बैंकों के सरप्लस हिस्सा यहां सप्लाई हो रहा है। आपको बता दें कि आरबीआइ के नियमों के मुताबिक अगर किसी राज्य में सरप्लस पैसा होता है तो बैंक उसे दूसरे राज्य में भेज सकता है।