प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना यानी पीएमयूवाई को 2022 तक पूरे देश में लागू करने की योजना है।
नर्इ दिल्ली। उज्ज्वला योजना का लाभ पाने वाले लोगों को मोदी सरकार ने बड़ी राहत दी है। आम चुनावों से पहले सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां अब योजना का लाभ लेने वाले लोगों से कर्ज नहीं वसूला जाएगा। लोगों को यह कर्ज रसोई गैस सिलेंडर खरीदने के लिए दिया गया था। इससे उन ग्रामीण लोगों को राहत देने वाली है जो कर्ज देने में असमर्थ हैं। जानकारों की माने जो आम चुनावों को देखते हुए मोदी सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है।
कुछ एेसी थी योजना
जून 2015 से अब तक करीब 3.6 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिया गया है। एलपीजी कनेक्शन की 1,600 रुपए की लागत का बोझ सरकार ने वहन किया है, जबकि एलपीजी चूल्हा और सिलेंडर की लागत का बोझ लाभार्थियों को उठाना था। गरीबों की मदद के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने उन्हें एलपीजी स्टोव और भरा सिलेंडर खरीदने के लिए ब्याज मुक्त कर्ज दिया था। आईओसी से मिली जानकारी के मुताबिक 70 फीसदी पीएमयूवाई ग्राहकों ने ब्याजमुक्त कर्ज योजना का लाभ लिया था। आईओसी के अनुसार इस योजना का लाभ सभी पीएमयूवाई एलपीजी कनेक्शनों पर मिलेगा। आपको बता दें कि ऐसे सभी पीएमयूवाई उपभोक्ता जिन पर 31 मार्च, 2018 तक कर्ज बकाया था, को अगले छह बार तक सिलेंडर भराने पर कर्ज नहीं लौटाना होगा।
इसलिए टाल दी गर्इ कर्ज वसूली
इंडियन आयल कॉर्पोरेशन यानी आर्इआेसी ने अपने बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना यानी पीएमयूवाई को 2022 तक पूरे देश में लागू करने की योजना है। जिसके तहत पेट्रोलियम कंपनियों ने उज्ज्वला लाभार्थियों को एक अप्रैल, 2018 से अगली छह बार तक सिलेंडर में गैस भरने तक ऋण वसूली टालने का फैसला किया है। बयान में इसकी वजह नहीं बताई गई है, लेकिन जानकारों की मानें तो ज्यादातर उज्ज्वला लाभार्थी मुफ्त कनेक्शन पाने के बाद सिलेंडर खरीदने को इच्छुक नहीं थे और यदि उन्हें कर्ज नहीं दिया जाता तो यह योजना विफल हो जाती। कर्नाटक में जल्द विधानसभा चुनाव होने वाले हैं आैर आने वाले दिनों में बाकी राज्यों आैर आम चुनाव भी होंगे। एेसे में ऋण वसूली को टाल दिया गया है।