बेनामी संपत्ति की जानकारी देने की बात के बाद अब अायकर विभाग में शिकायतों का अंबार लग गया है।
नर्इ दिल्ली। हाल ही में आयकर विभाग ने एक विज्ञापन जारी कर लोगों से अपील की थी कि यदि वे किसी व्यक्ति के बेनामी संपत्ति का खुलासा करते हैं तो इसके बदले उन्हें इनाम दिया जाएगा। आयकर विभाग ने विज्ञापन में कहा था कि इस तरह की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 5 करोड़ रुपए की इनामी राशि दी जाएगी। इस विज्ञापन के जारी हाेने के अब इनाम पाने के लालच में विभाग के पास एक बड़ी संख्या में टैक्स चोरी से लेकर बेनामी संपत्ति की सूचनाएं मिल रही है। विभाग को सूचनाएं इतनी अधिक मात्रा में मिल रही हैं कि उसके पास इसकी चांच करने के लिए अधिकारियों की संख्या कम पड़ रही है।
बड़ी संख्या में सूचनाएं बनी गले का फांस
इतनी बड़ी संख्या में सूचनाएं विभाग के लिए एक बड़ी समस्या बन गर्इ हैं आैर अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि वो आखिर क्या करें। आयकर विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस बाबत केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से भी गुहार लगार्इ है। विभाग ने सीबीडीटी से मांग की है कि इन सूचनाआें को या तो किसी एजेंसी से जाचं करार्इ जाए या फिर इसके लिए नर्इ भर्तियां की जाए। अब इसके बाद एक ये भी सवाल उठने लगा है कि बेनामी संपत्ति आैर टैक्स चोरी के इन मामलों की जांच आखिर कब तक हो पाएगी। याद दिला दें कि आयकर विभाग ने अपने विज्ञापन में लोगों से कहा था कि यदि वो भारतीय नागरिकों की देश-विदेश में बेनामी संपत्तियों की जानकारी देते हैं तो इसके एवज में उन्हें 5 करोड़ रुपए इनाम दिया जाएगा।
मिले रहीं बड़ी संख्या में जानकारियां
देशभर के अलग-अलग हिस्से से लोग आर्इटी दफ्तरों में काॅल कर रहे हैं। इसके साथ ही कमिश्नर आॅफिस में र्इमेल व पत्रों का एक बड़ा अंबार लग गया है। एक व्यक्ति ने तो टैक्स चोरी की शिकायत करते हुए 500 पन्नों का एक कुरियर भेजा है। अकेले मर्इ माह में ही आयकर विभाग को बेनामी संपत्ति को लेकर करीब 600 जानकारियां मिल चुकी हैं। आयकर विभाग के लिए इन 600 जानकारियों का जाचं करना भी एक बड़ा मुसिबत बना हुआ है।
आयकर विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी
विभाग के उच्चाधिकारी के मुताबिक कि उनके पास पहले ही कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। एेसे में बेनामी संपत्ति अौर टैक्स चोरी को लेकर मिल रहे रिस्पाॅन्स से उनकी मुश्किलें आैर बढ़ गर्इं है। फिलहाल आयकर विभाग में करीब 45,000 कर्मचारी है कार्यरत है। जबकि 30,000 पदों पर पिछले दो साल से किसी की नियुक्ति नहीं हुर्इ है। इनमें अधिकतर एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट आैर टैक्स असिस्टेंट के पद हैं। इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद की बात करें तो इसके भी 3000 पद खाली हैं। नोटबंदी के समय ही विभाग ने सरकार से इन पदों काे भरने का आग्रह किया था लेकिन इसके बाद भी किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया है।