अर्थव्‍यवस्‍था

अच्छे आर्थिक आंकड़ों पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान, महामारी को अवसर से किया कनेक्ट

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कोविड-19 को बनाया अवसर भारत दुनिया में पीपीई, मास्क, वेंटिलेटर और दवाओं के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक बना
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Piyush Goyal on good economic data, connects epidemic with opportunity
Piyush Goyal on good economic data, connects epidemic with opportunity

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महामारी के दौरान सरकार द्वारा हाल ही में किए गए सुधारों ने खनन, श्रम और कृषि समेत अन्य क्षेत्रों में भारत को मजबूत किया है। साथ ही देश को विश्व स्तर पर पूरी ताकत से जुड़ने के लिए तैयार कर दिया है। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में बड़े सुधार लाने के लिए महामारी को अवसर की तरह लिया है। उन्होंने कहा कि हमने कोविड-19 को एक अवसर के तौर पर लेते हुए कृषि, श्रम, खनन, पूंजी बाजार और बैंकिंग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और रक्षा में ऐसे सुधार लाए हैं, जो बेहद प्रभावी हैं। यह भारत को मजबूत करेंगे और हमें पूरी मजबूती के साथ दुनिया के साथ जुड़ने के लिए तैयार करेंगे।

गोयल ने कहा कि व्यवसाय और सरकार दोनों ही उन वर्गों के बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम कर रहे हैं जो समाज के हाशिए पर रहते हैं। मंत्री ने कहा कि एक साथ काम करने से पृथ्वी पर कोई भी शक्ति भारत को एक ऐसी महाशक्ति और अर्थव्यवस्था बनने से नहीं रोक सकती है जो अपने लोगों की देखभाल करती है और हर एक व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती है।

गोयल ने कहा कि महामारी के इस दौर ने भारतीय व्यवसायों के लचीलेपन की सही परीक्षा ली है। अब भारत न केवल दुनिया भर में पीपीई, मास्क, वेंटिलेटर और दवाओं के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक बन गया है, बल्कि वह इनका निर्यात भी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया ने माना है कि भारत ने महामारी से लड़ने के लिए अभूतपूर्व काम किया है। भारत की आत्मनिर्भर बनने की क्षमता, अच्छी मैन्यूफेक्चरिंग प्रैक्टिसेस करना और गुणवत्ता में सुधार करने को पूरी दुनिया ने सराहना की है।

कच्चे माल के निर्यात से आगे बढ़ना होगा
इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए कहा था कि भारत को कच्चे माल के निर्यात से आगे बढ़कर दुनिया को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए अपनी विनिर्माण क्षमताओं में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत प्रभावी रूप से भारतीय क्षमताओं, गुणवत्ता, अच्छी विनिर्माण प्रथाओं को लागू करने, मानकों को बेहतर बनाने के साथ-साथ उन मानकों को बेहतर बनाने के बारे में है, जिनकी भारतीयों को देश में उम्मीद है।

Updated on:
04 Oct 2020 12:13 pm
Published on:
04 Oct 2020 12:10 pm