प्रदेश सरकार ने कपूरदी और जलिपा माइंस में सीपेज के करीब 5.51 मिलियन लीटर प्रतिदिन अतिरिक्त जल स्रोत का शोधन कर औद्योगिक उपयोग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने कपूरदी और जलिपा माइंस में सीपेज के करीब 5.51 मिलियन लीटर प्रतिदिन अतिरिक्त जल स्रोत का शोधन कर औद्योगिक उपयोग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम, उद्योग व एमएसएमई वीनू गुप्ता ने कहा कि राजस्थान में पानी की एक—एक बूंद कीमती होने के साथ ही माइंस में सीपेज से उपलब्ध पानी को शोधित कर औद्योगिक उपयोग में लिया जाता है, तो यह पानी का सदुपयोग होगा। इसके लिए केन्द्रीय भूजल विभाग सहित संबंधित विभागों से समन्वय बनाते हुए नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही कराने के आदेश दिए गए है। दोनों माइंस में 22.96 एमएलडी पानी का सीपेज हैं, जिसमें से अन्य उपयोग के बाद कपूरदी माइंस से 3.98 एमएलडी और जलिपा माइंस से 1.53 एमएलडी सीपेज पानी अतिरिक्त उपलब्ध होगा।
औद्योगिक गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता होगी खत्म
500 टीडीएस के इस पानी को शोधित कर औद्योगिक उपयोग के योग्य बनाया जा सकता है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता बन सकेगी। बीएलएमसीएल की सीएसआर गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इससे एक और कॉरपोरेट सोशियल दायित्व की पूर्ति होगी, वहीं जनहित के कार्य संपादित हो सकेंगे। सीएसआर कमेटी में एमडी आरएसएमएमएल संदेश नायक को सम्मिलित किया गया है।