अर्थव्‍यवस्‍था

Production Linked Incentive Schemes: दवा निर्माता में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, Modi सरकार की योजना

-कोरोना संकट ( Coronavirus ) में दवा निर्माता कंपनियों ( Pharmaceutical Companies ) की अहम भूमिका रही है। -ऐसे मे केंद्र सरकार ने आयात पर निर्भरता घटाने और स्वदेश में ही इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 6,940 करोड़ रुपये की उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन ( PLI ) योजना को अधिसूचित किया। -सरकार ने 53 प्रकार के ऐक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स ( API ) को चिन्हित किया, जो 41 प्रकार की दवाओं के उत्पादन ( Production of Drugs ) करते हैं।

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Production Linked Incentive Schemes boost local manufacturing
Production Linked Incentive Schemes: दवा निर्माता में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, Modi सरकार की योजना

नई दिल्ली।
कोरोना संकट ( coronavirus ) में दवा निर्माता कंपनियों ( Pharmaceutical Companies ) की अहम भूमिका रही है। ऐसे मे केंद्र सरकार ने आयात पर निर्भरता घटाने और स्वदेश में ही इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 6,940 करोड़ रुपये की उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन ( PLI ) योजना को अधिसूचित किया। सरकार ने 53 प्रकार के ऐक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रेडिएंट्स ( API ) को चिन्हित किया, जो 41 प्रकार की दवाओं के उत्पादन ( Production of Drugs ) करते हैं। सरकार की योजना के तहत कंपनियों को इन एपीआई के उत्पादन के लिए देश में नए संयंत्र लगाने पर वित्तीय सहायता मिलेगी। अधिसूचना के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 में देश में कुल फार्मास्युटिकल आयात में बल्क ड्रग्स ( Bulk Drugs in Pharmaceutical Imports ) की हिस्सेदारी 63 फीसदी रही।

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तीसरा बड़ा दवा निर्माता
बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा बड़ा दवा निर्माता है। यह दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला 70 फीसदी एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इनग्रिडिएंट्स यानी API चीन से ही आयात करता है। मूल्य के लिहाज से 14वों सबसे बड़ा औषधि उद्योग है। दुनिया भर में निर्यात होने वाली कुल दवाओं में 3.5 फीसदी योगदान भारत का है। भारत बल्क ड्रग्स के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। जिनका इस्तेमाल तैयार खुराक वाले फॉर्मूलेशन के उत्पादन में होता है।'

आत्मनिर्भर बनेगा भारत
बता दें कि चीन से आयात होने वाली बल्क ड्रग्स घरेलू उत्पादों के मुकाबले औसतन 25 से 30 फीसदी सस्ती होती हैं। नया संयंत्र स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपये का निवेश की जरूरत है। लेकिन, कंपनियां चुनिंदा बल्क ड्रग्स पर इस योजना का फायदा उठा सकती हैं। केंद्र सरकार ने बल्क ड्रग को प्रोत्साहित करने के लिए योजना को अधिसूचित की है। जिसके तहत सामान्य बुनियादी ढांचा सुविधाओं की 70 फीसदी परियोजना लागत तक वित्तीय मदद देने का प्रावधान है। इस योजना के तहत एक बल्क ड्रग पार्क के लिए अधिकतम सहायता एक हजार करोड़ रुपये तक होगी। वहीं, इस योजना के लिए कुल वित्तीय परिव्यय तीन हजार करोड़ रुपये है।

Updated on:
25 Jul 2020 11:43 am
Published on:
25 Jul 2020 11:39 am