
नर्इ दिल्ली। अब ट्रेन बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए बुरी खबर है। अगर कोर्इ एेसा करता पाया जाता है तो उससे मौजूदा जुर्माने की रकम के मुकाबले चार गुना वसूला जाएगा। यह प्रस्ताव पश्चिमी रेलवे ने रेलवे बोर्ड को भेजा है। जिसके पास होने की पूरी संभावनाएं जतार्इ जा रही हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि एेसा करने से बेटिकट यात्रा करने वालों की हिम्म्मत टूटेगी आैर वो टिकट लेकर यात्रा करेंगे। आपको बता दें कि मौजूदा समय में फर्स्ट आैर सेकंड क्लास में बेटिकट सफर करने वालों से 250 रुपए वसूला जाता है। जिसे बढ़ाकर 1000 रुपए यानी चार गुना कर दिया गया है।
16 साल पहले बढ़ाया गया था जुर्माना
इससे पहले जुर्माने की रकम को करीब 16 साल पहले बढ़ाया गया था। 2002 से पहले जुर्माने की रकम महज 50 रुपए थी, जिसे साल 2002 में बढ़ाकर 250 रुपए कर दी गर्इ थी। वेस्टर्न रेलवे के एक सीनियर ऑफिसर के अनुसार रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी के हालिया मुंबई दौरे के वक्त हमने जुर्माने की रकम बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।' यह प्रस्ताव पहले भी भेजा गया था, लेकिन रेलवे बोर्ड ने इस बार वेस्टर्न रेलवे को भरोसा दिलाया है कि इस पर विचार किया जाएगा।
महंगार्इ के हिसाब से जुर्माना बढ़ना है जरूरी
पश्चिमी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'महंगाई के मुताबिक जुर्माने की रकम भी बढ़नी चाहिए।' अधारियों ने कहा कि रोजाना यात्रा करने वाले कई यात्री यह सोचकर टिकट नहीं लेते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि पकड़े जाने के बाद फाइन भरना मंथली सीजन टिकट लेने के मुकाबले सस्ता है। लेकिन जुर्माना बढ़ने के बाद एेसे लोगों की सोच में बदलाव होगा। साथ ही टिकट लेकर यात्रा करना शुरू कर देंगे।
जुर्माने से रेलवे को कमार्इ
सेंट्रल रेलवे में रोजाना करीब 3,000 जबकि वेस्टर्न रेलवे में करीब 1,300 बेटिकट यात्री पकड़े जाते हैं। ऐसे में सेंट्रल रेलवे को जुर्माने से हर रोज 15 लाख रुपए जबकि वेस्टर्न रेलवे को 5 लाख रुपए की आमदनी होती है। वहीं, सेंट्रल रेलवे किराए से हर दिन 7 करोड़ रुपए जबकि वेस्टर्न रेलवे 5 करोड़ रुपए कमाता है।