
नई दिल्ली। देश की जनता को खुदरा महंगाई दर ( retail inflation rate ) के बाद थोक महंगाई दर ( Wholesale inflation rate ) पर बड़ा झटका लगा है। अक्टूबर के मुकाबले नवंबर के महीने में थोक महंगाई दर तीन गुना से ज्यादा बढ़ी है। कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ( Ministry of Commerce and Industry ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य पदार्थों की कीमत ( food prices ) में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली है। आइए आपको भी बताते हैं कि देश में थोक महंगाई दर के किस तरह के आंकड़े सामने आए हैं।
थोक महंगाई दर में इजाफा
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश की वार्षिक महंगाई दर नवंबर में बढ़कर 0.58 फीसदी हो गई। जबकि अक्टूबर में यह 0.16 फीसदी थी। पिछले साल नवंबर में यह दर 4.47 फीसदी दर्ज की गई थी। कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्ट्री की आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार नवंबर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में 11 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। इससे पहले अक्टूबर के महीने में यह आंकड़ा 9.80 फीसदी था। वहीं दूसरी ओर गैर-खाद्य पदार्थों के लिए दर 2.35 फीसदी से कम होकर 1.93 फीसदी रही।
खुदरा महंगाई दर में भी इजाफा
इससे पहले खुदरा महंगाई दर के आंकड़े सामने आए थे। जिसमें खुदरा महंगाई दर तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई दर नवंबर महीने में बढ़कर 5.54 फीसदी पर आ गई है। पिछले महीने अक्टूबर में यह 4.62 फीसदी पर थी। वहीं, नवंबर 2018 में खुदरा महंगाई दर महज 2.33 फीसदी थी। आपको बता दें कि खुदरा महंगाई दर में इजाफा खाद्य पदार्थों की कीमतों में इजाफा होने से आया था।