
Rabri Devi Educational Qualification: बिहार में कुछ दिनों के भीतर ही विधानसभा चुनाव 2025 के तारीखों का ऐलान हो सकता है। चुनाव से पहले राज्य का माहौल चुनावी रंग में रंग चुका है। सभी पार्टी और उनके नेता एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। खासकर लालू परिवार पर शिक्षा को लेकर जमकर हमला किया जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकीं राबड़ी देवी(Rabri Devi) और उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री तेजश्वी यादव कितने पढ़े-लिखे हैं?
बिहार की राजनीति हमेशा से चर्चाओं में रही है। लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक करियर से लेकर उनके परिवार की सक्रिय राजनीति तक, बिहार की सियासत में यादव परिवार का दबदबा साफ देखा जाता है। इस कड़ी में राबड़ी देवी का नाम सबसे अहम है, क्योंकि वह राज्य की पहली और अब तक की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रही हैं। राबड़ी देवी का जन्म 1 दिसंबर 1956 को गया जिले के सैलोर गांव में हुआ था। एक सामान्य ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी राबड़ी देवी ने शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से की। राबड़ी देवी ने आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई की थी। कम उम्र में ही उनकी शादी लालू प्रसाद यादव से हो गई थी।
राबड़ी देवी का राजनीतिक जीवन अचानक ही शुरू हुआ, जब 1997 में लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में फंसने के कारण मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। उस समय पार्टी और परिवार के लिए एकमात्र विकल्प राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाना था। शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा न होने के बावजूद वे तीन बार बिहार की मुख्यमंत्री बनीं।
अब अगर उनके बेटे तेजस्वी यादव की पढ़ाई पर नजर डालें तो उनका शैक्षणिक सफर भी काफी चर्चा में रहा है। तेजस्वी यादव का जन्म 9 नवंबर 1989 को हुआ। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल,आरके पुरम से पढ़ाई की, लेकिन वह 9वीं कक्षा के बाद आगे की शिक्षा पूरी नहीं कर सके। हालांकि वे क्रिकेट खेलते थे। स्कूल के बाद उन्होंने क्रिकेट में करियर बनाने की कोशिश की और दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए आईपीएल टीम का हिस्सा भी बने, लेकिन बाद में वह राजनीति में सक्रिय हो गए।
अगर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की पढ़ाई की तुलना की जाए तो दोनों का शैक्षणिक स्तर लगभग समान ही है। राबड़ी देवी ने जहां आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई की, वहीं तेजस्वी यादव की पढ़ाई 9वीं कक्षा तक रही। यानी औपचारिक शिक्षा के मामले में तेजस्वी यादव अपनी मां से केवल एक कक्षा आगे रहे। राबड़ी देवी ने बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचा था। तेजस्वी यादव वर्तमान में बिहार की राजनीति के सबसे बड़े युवा चेहरे के रूप में देखे जाते हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2020 में महागठबंधन को मजबूत चुनौती देने वाला नेता साबित किया। तेजस्वी यादव दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।