इन दिनों गवर्नमेंट जॉब्स पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होना होता है। इन प्रतियोगी परीक्षाओं में जनरल नॉलेज, अंग्रेजी, मैथेमेटिक्स, रीजनिंग, इतिहास एवं अन्य समसामयिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
इन दिनों गवर्नमेंट जॉब्स पाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तीर्ण होना होता है। इन प्रतियोगी परीक्षाओं में जनरल नॉलेज, अंग्रेजी, मैथेमेटिक्स, रीजनिंग, इतिहास एवं अन्य समसामयिक विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। इन प्रश्नों को समझ कर, उनके उत्तर याद कर आप अपनी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी अच्छे से कर सकते हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर वीडियो के अंत में दिए गए हैं।
प्रश्न (1) - जब आप बर्फ की ट्रे को हाथों से पकड़ते हैं तो आपकी उंगलियां उससे चिपक क्यों जाती हैं?
आपकी उंगलियों पर हमेशा कुछ-न-कुछ नमी रहती है। जब आप बर्फ की ठंडी ट्रे को छूते हैं, तब आपकी उंगलियों की नमी जम जाती है। उंगलियों का दाब जमी हुई नमी को ट्रे में रखी बर्फ से चिपका देता है।
प्रश्न (2) - साबुन किस प्रकार हमारे शरीर और कपड़ों का मैल साफ करता है?
मैल के कण दो तरह के होते हैं-कुछ में तेल होता है तो कुछ में विद्युत का चार्ज। सिर्फ पानी से धोने से कोई लाभ नहीं होता है क्योंकि ये कण हमारे शरीर और कपड़ों से कसकर चिपक जाते हैं। दूसरी मुश्किल यह है कि तेल पानी में बिल्कुल भी नहीं घुलता। साबुन के अणुओं की ऐसी संरचना होती है कि वह तेल और मैल के कणों से जाकर चिपट जाते हैं। इसके बाद इन मैले कपड़ों को पानी से धोने से उनकी गंदगी धुल जाती है।
प्रश्न (3) - कीप की मदद से किसी बोतल में द्रव भरते समय आपने इस बात पर जरूर गौर किया होगा कि अक्सर कीप में द्रव इकट्ठा हो जाता है और नीचे न बह पाने के कारण आपको बार-बार कीप को ऊपर उठाना पड़ता है। क्या आप इसका कारण जानते हैं?
जैसे-जैसे तरल बोतल में घुसता है, वह बोतल के अंदर कैद हवा को दबाता है। थोड़ी देर बाद बोतल में हवा का दाब इतना हो जाता है कि वह ऊपर के कीप में भरे तरल के भार को संभाल सके। अब आपको कीप को थोड़ा सा उठाना होगा जिससे बोतल के अंदर दबी हवा बाहर निकल सके। इसके बाद फिर तरल बोतल में बहने लगता है।
प्रश्न (4) - क्या आपने बर्फ की सिल्ली में से धुआं उठते हुए देखा है? यह धुआं क्या है और क्यों बनता है?
बाहर रखी बर्फ की सिल्ली में से घने धुएं जैसा कुछ निकलता है। असल में यह धुआं कोई गैस नहीं बल्कि वाष्प है जो बर्फ की ठंड के कारण उसके आसपास जम जाती है। जब बर्फ के आसपास की हवा ज्यादा ठंडी हो जाती है तो उसमें से थोड़ी वाष्प पानी की बूंदों में बदल जाती है। जमी हुई वाष्प हवा के झोंके में धुएं की तरह लगती है।