
विकासखंड डौंडीलोहारा के ग्राम राहटा में भंवरमरा को जोडऩे वाले रास्ते में पडऩे वाले नाले पर वन विभाग पुलिया का निर्माण करेगा। आठ साल से चल रही मांग पर सहमति बनी है और बारिश सीजन के बाद पुलिया का निर्माण किया जाएगा। इस खबर से ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिया बनने से राहत मिलेगी। खासकर विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। यहां के विद्यार्थी पढ़ाई करने कच्ची रास्ते से होकर नाला पार कर स्कूल जाते हैं। फिलहाल पुलिया निर्माण के लिए चार माह इंतजार करना पड़ेगा। यहां के विद्यार्थी प्राथमिक के बाद माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई करने तीन से चार किमी घने जंगल के रास्ते से होकर नाला पार कर जाते हैं। उनका सफर कठिनाइयो से भरा रहता हैं।
वन विभाग के मुताबिक रपटा सिस्टम से पुलिया का निर्माण करें तो लगभग 10 लाख के आसपास खर्च आएगा। बड़ी पुलिया का निर्माण करें तो 20 लाख रुपए तक का खर्च आ सकता है। डीएफओ अभिषेक अग्रवाल की माने तो पुलिया अच्छी बने, इसलिए अभी इस पर विचार किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें :
डीएफओ ने कहा कि गांव की स्थिति के बारे में पत्रिका के माध्यम से जानकारी मिली। इसके बाद तत्काल मामले को संज्ञान में लिया और इस गांव के पूरी स्थिति की जानकारी मंगाई। विभागीय रिपोर्ट में पता चला कि विद्यार्थियों व ग्रामीणों को नाले में पुलिया नहीं होने से ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पुलिया निर्माण की अनुमति मिल गई है। वन विभाग से पुलिया बनाएंगे या फिर और अच्छी पुलिया बनाने आरईएस को काम ट्रांसफर करेंगे।
राहटा गांव खरखरा जलाशय के डूबान क्षेत्र में बसा है। यहां से बड़े गांव जाना है तो 4 किमी घने जंगल से होकर माडिय़ाकट्टा, भंवरमरा, रायगढ़ जाना पड़ता है। रास्ता व नाले के कारण उसे पार करने में परेशानी होती है। ग्रामीणों आठ साल से मांग कर रहे हैं कि यहां पुलिया का निर्माण हो। बाढ़ आने पर भी आसानी से आवागमन जारी रहे।
पुलिया निर्माण को हरी झंडी मिलने से ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों की एक उम्मीद शिक्षा विभाग व सरकार से है। यहां लगभग एक साल पहले तोड़े गए स्कूल भवन की जगह नए भवन का निर्माण हो जाए, जिससे प्राथमिक स्कूल के बच्चों को कलामंच में बैठकर पढ़ाई न करना पड़े।
ग्रामीणों ने कहा कि जिला शिक्षा विभाग में भी जाकर स्कूल भवन निर्माण करने की मांग की, लेकिन ध्यान ही नहीं दिया गया। बच्चे कलामंच में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षा विभाग गंभीरता से मामले को ले और स्कूल भवन का निर्माण करे।