शिक्षा

DU Attendance Rule: दिल्ली यूनिवर्सिटी में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, लेट लतीफी पर एक्शन, जानें नया टाइम टेबल

Delhi University: डीयू में अब आधार आधारित बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। सुबह 9:30 के बाद आने वाले कर्मचारियों की छुट्टी कटेगी। जानिए क्या है दिल्ली यूनिवर्सिटी का नया वर्किंग शेड्यूल और नियम।

2 min read
Delhi University (Photo- Patrika)

Delhi University Biometric Attendance Rule: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने अपने कर्मचारियों के अनुशासन और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कर्मचारियों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को पूरी तरह कंपल्सरी कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब कर्मचारियों को समय पर आना होगा साथ ही देरी करने वालों के खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा।

ये भी पढ़ें

CBSE New Rules: बोर्ड ने किए कक्षा 6 और 9 के पाठ्यक्रम में बडे़ बदलाव, बदल जाएगी शिक्षा व्यवस्था

DU Employees Working Hours: ये रहेगा शिफ्ट टाइम

डीयू प्रशासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, अब काम के घंटे सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक तय किए गए हैं। इसमें दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे के बीच आधे घंटे का लंच ब्रेक भी शामिल है। यानी हर कर्मचारी को रोजाना कुल 8 घंटे 30 मिनट कार्यालय में बिताने होंगे। प्रशासन ने सभी डीन, विभागाध्यक्षों और पुस्तकालयाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने विभागों में इस नियम का कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें।

DU Biometric Attendance: देरी करने वालों पर गिरेगी गाज

विश्वविद्यालय ने ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक परिवहन की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सुबह के समय में मामूली राहत जरूर दी है, लेकिन इसकी कुछ शर्तें रखी गईं हैं:

  • 9:10 से 9:30 बजे तक: यदि कोई कर्मचारी इस समय के बीच पहुंचता है, तो उसे उस दिन देरी की भरपाई करने के लिए शाम को अतिरिक्त समय तक काम करना होगा।
  • 9:30 बजे के बाद: साढ़े नौ बजे के बाद आने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उनकी हाजिरी में से आधे दिन या पूरे दिन की छुट्टी काटी जा सकती है।

DU Attendance Rule: क्यों उठाया गया यह कदम?

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि, बायोमेट्रिक सिस्टम से पारदर्शिता आएगी और काम में सुचारू प्रवाह बना रहेगा। इससे पहले कई विभागों से समय पालन को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। अब डिजिटल रिकॉर्ड होने की वजह से अधिकारियों के लिए निगरानी रखना आसान होगा। आदेश में साफ किया गया है कि अनुशासन बनाए रखने के लिए अब नियमों में और कोई ढील नहीं दी जाएगी।

ये भी पढ़ें

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, NCERT को मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा, जानिए क्या होगा फायदा?
Also Read
View All