
NCERT's new curriculum ( photo - ani )
केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) की सलाह पर बड़ा फैसला किया है। केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सलाह पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया है।
NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया है। अब NCERTको विश्वविद्यालय की तरह काम करने की आजादी मिलेगी। अब NCERT केवल स्कूली पाठ्यक्रम तैयार करने और किताबें छापने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खुद अपनी डिग्रियां (UP, PG, Ph.D और डिप्लोमा कोर्स सर्टिफिकेट) प्रदान कर सकेगी। इसके अलावा NCERT को अपना पाठ्यक्रम तय करने, प्रवेश और फीस तय करने की भी आजादी होगी। इसके पहले NCERT को रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन (RIES) से डिग्री देने के लिए संबद्धता लेनी होती थी।
NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी के तौर पर इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज के साथ साझेदारी और समझौता करने की
आजादी होगी। इसके साथ ही NCERT देश के बाहर भी कैंपस खोल सकेगी। इसका फायदा NCERT के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा। छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम में हिस्सा ले सकेंगे। इसके साथ ही ग्लोबल रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर सकेंगे।अजमेर और भोपाल सहित 6 संस्थान शामिल
NCERT में अजमेर (राजस्थान), भोपाल (मध्य प्रदेश), भुवनेश्वर (ओडिशा), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय) और भोपाल का पंडित सुंदरलाल शर्मा व्यावसायिक शिक्षा संस्थान शामिल हैं। इन सभी 6 प्रमुख संस्थानों को मिलाकर NCERT को एक विशेष श्रेणी में विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है।
NCERT ने UGC अधिनियम 1956 की धारा 3 के तहत डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के लिए आवेदन किया था। UGC ने 2023 में कुछ शर्तों के साथ लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया और NCERT को 3 साल में तय शर्तें पूरी करने के लिए कहा था। NCERT ने 2025 में सभी शर्तें पूरी करने की रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके बाद आयोग ने जनवरी 2026 में बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का अंतिम रूप दिया गया है।
Published on:
04 Apr 2026 05:29 am
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