DST Inspire fellowship: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप योजना 2021 के लिए यंग साइंटिस्टों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 04 अक्टूबर 2021 है।
DST Inspire fellowship: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ( Department of Science and Technology ) ने इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप ( INSPIRE faculty fellow ) योजना के तहत यंग साइंटिस्टों ( Young Scientist ) से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के तहत डीएसटी ( DST ) युवा साइंटिस्टों को स्वतंत्र रूप से शोध और अनुसंधान के अवसर के साथ पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप प्रदान करती है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट online-inspire.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप योजना के अन्तर्गत आवेदन की आखिरी तारीख 4 अक्टूबर 2021 है।
इन्हें माना जाएगा आवेदन के लिए योग्य उम्मीदवार
इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप फेलोशिप ( INSPIRE faculty fellow ) योजना में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को भारतीय नागरिक या भातीय मूल का होना जरूरी है। उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, चिकित्सा और कृषि से संबंधित विषयों में पीएचडी की डिग्री अनिवार्य शर्त है। जिन्होंने अपनी पीएचडी थीसिस जमा कर दी है और डिग्री की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वे भी आवेदन के पात्र माने जाएंगे। फेलोशिप के लिए चयन की पुष्टि पीएचडी की डिग्री दिए जाने के बाद ही की जाएगी। उम्मीदवार की आयु 1 जनवरी, 2021 को अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष है। कक्षा 12 के बाद से शुरू होने वाले अपने शैक्षणिक प्रोफाइल में उम्मीदवारों के पास न्यूनतम 60 प्रतिशत या समकक्ष सीजीपीए अंक होने चाहिए।
त्रि-स्तरीय चयन प्रक्रिया
एक उम्मीदवार का अंतिम चयन तीन स्तरीय प्रक्रिया के बाद किया जाएगा। आवेदन का मूल्यांकन अनुशासन-आधारित विशेषज्ञ समितियों (आईएनएसए ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद शीर्ष स्तर की समिति ( आईएनएसए ) और इंस्पायर फैकल्टी अवार्ड काउंसिल ( डीएसटी ) की सिफारिशें भी अनिवार्य है।
शोध के लिए हर साल मिलेगा 7 लाख का अनुदान
इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप के लिए चयनित यंग साइंटिस्टों को प्रति माह 1.25 लाख रुपए की समेकित राशि बतौर वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक सफल उम्मीदवार को पिछले वर्ष से आगे की राशि यदि कोई हो सहित 5 वर्षों के लिए हर साल 7 लाख रुपए का शोध अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।