Defence Secretary Salary and Power: हाई कोर्ट के आदेश के बाद रक्षा सचिव का पद चर्चा में है। यहां आसान भाषा में जानें कि रक्षा मंत्रालय का सचिव कौन होता है, इस पद तक पहुंचने के लिए क्या करना पड़ता है और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है।
Defence Secretary Salary Cut: हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने रक्षा सचिव और सेना प्रमुख के वेतन में कटौती करने का एक अहम आदेश दिया है। इस बड़ी खबर के सामने आने के बाद से ही आम लोगों और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर रक्षा सचिव (Defence Secretary) का पद क्या होता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इस ताकतवर प्रशासनिक पद तक कैसे पहुंचा जा सकता है और इस पद पर कितनी सैलरी मिलती है।
रक्षा सचिव भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है। रक्षा मंत्री के बाद मंत्रालय के सभी बड़े फैसले, नीतियां और प्रशासनिक कामकाज रक्षा सचिव की देखरेख में ही पूरे होते हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना के साथ सरकार के तालमेल को बनाए रखने और रक्षा सौदों से जुड़ी फाइलों को आगे बढ़ाने में रक्षा सचिव की भूमिका सबसे अहम होती है। वह रक्षा मंत्री के मुख्य सलाहकार के रूप में भी काम करते हैं।
भारत सरकार में सचिव स्तर का पद सर्वोच्च प्रशासनिक पदों में गिना जाता है। सातवें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार, एक रक्षा सचिव की तय बेसिक सैलरी 2 लाख 25 हजार रुपये पर मंथ होती है। इस बेसिक सैलरी के ऊपर सरकार की तरफ से महंगाई भत्ता (DA) और अन्य कई भत्ते दिए जाते हैं। सैलरी के अलावा रक्षा सचिव को दिल्ली के लुटियंस जोन में एक बड़ा सरकारी बंगला, आधिकारिक गाड़ी, ड्राइवर, मुफ्त बिजली पानी, फोन और मेडिकल जैसी कई वीआईपी सुविधाएं मिलती हैं। रिटायरमेंट के बाद इन्हें शानदार पेंशन भी दी जाती है।