UP Board Matric Result 2018: 10वीं तथा 12वीं कक्षा के बाद सभी छात्र-छात्राओं तथा उनके माता-पिता के मन में प्रश्न उठता है कि अब आगे क्या करें।
UP Board Matric Result 2018: 10वीं तथा 12वीं कक्षा के बाद सभी छात्र-छात्राओं तथा उनके माता-पिता के मन में प्रश्न उठता है कि अब आगे क्या करें। ये सवाल जितना मेरिट लिस्ट में आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए जरूरी है उतना ही उन बच्चों के लिए भी जरूरी है जो केवल पास हो पाए हैं या जिनके सप्लीमेंट्री आई हैं। अगर बच्चे के अब तक के शैक्षणिक रिकॉर्ड पर ध्यान दें और उसकी व्यक्तिगत अभिरूचियों को देखें तो इस सवाल का सहज ही उत्तर पाया जा सकता है। लेकिन सबसे पहले यह देखना होगा कि आपके बच्चे के किस तरह के मार्क्स आए हैं। मार्क्स के आधार पर हम बच्चों को तीन कैटेगरीज में बांट सकते हैं - (1) बेस्ट, (2) एवरेज और (3) पुअर।
10वीं और 12वीं कक्षा में बेस्ट मार्क्स लाने वाले बच्चे
ऐसे बच्चे जो कि 80 फीसदी से ज्यादा मार्क्स लाते हैं वो अपनी इच्छानुसार किसी भी सब्जेक्ट को चुन सकते हैं और उसमें आगे बढ़ सकते हैं चाहे तो वो आगे की अकेडमिक पढ़ाई में लगे रहे और चाहे तो साथ में एक वोकेशनल या प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स भी ज्वॉइन कर सकते हैं। जरूरत बस यह देखने की है कि वो जो भी करें अपने मन से करें, अपनी रूचि के अनुसार करें। उन्हें सफलता ही मिलेगी।
10वीं और 12वीं कक्षा में एवरेज मार्क्स लाने वाले बच्चे
जो बच्चे 10वीं और 12वीं कक्षा में 55 से 80 फीसदी के बीच मार्क्स लाते हैं उन्हें एवरेज माना जा सकता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसेकि उनकी पढ़ाई में या किसी खास विषय में रुचि न होना, पारिवारिक कारण, आस-पास का माहौल या गलत गाइडेंस मिलना। ऐसे बच्चों को थोड़ा मोटिवेट कर उन्हें उनकी रुचि के अनुसार सब्जेक्ट दिलाना सबसे बढ़िया रहेगा। साथ ही उनकी थोड़ी बहुत मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग भी की जा सकती है जिससे वो निराश न हो और ज्यादा लगन और मेहनत के साथ आगे की पढ़ाई में जुट जाएं।
10वीं और 12वीं कक्षा में पुअर मार्क्स लाने वाले बच्चे
अगर आपके बच्चे के 55 फीसदी से कम मार्क्स हैं तो ऐसे नंबर्स को पुअर मार्क्स में रखा जा सकता है। इन बच्चों को बिना इनकी मर्जी के आगे की पढ़ाई में न लगाएं वरन इन्हें इनकी हॉबी के अनुसार किसी वोकेशनल या प्रोफेशनल कोर्स ज्वॉइन करवा दें। आजकल ऐसे बहुत से वोकेशनल डिप्लोमा कोर्सेज है जिनमें सीधे 10वीं या 12वीं कक्षा पास करने वाले बच्चे प्रवेश ले सकते हैं। आप चाहे तो उन्हें घर के बिजनेस में भी इन्वॉल्व कर सकते हैं या उन्हें डिस्टेंस एजुकेशनल कोर्सेज ज्वॉइन करवा सकते हैं।